कुल्लू : डीसी अनुराग चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में नदियों में जमा मलबे की ड्रेजिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य ब्यास, पार्बती, सैंज और तीर्थन नदियों में संवेदनशील व अति संवेदनशील स्थलों पर ड्रेजिंग कार्य को सुव्यवस्थित ढंग से आरंभ करने के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। बैठक में वन विभाग, जल शक्ति विभाग, खनन विभाग और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में मुख्य अरण्यपाल वन संदीप शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार, अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार, एसडीएम निशांत ठाकुर, डीएफओ शशि किरण ठाकुर, डीएफओ एंजेल चौहान, एसीएफ वनिश ठाकुर, जिला राजस्व अधिकारी सुरभि नेगी, तहसीलदार हरी सिंह यादव और खनन निरीक्षक महिंद्र ठाकुर उपस्थित रहे। बैठक में बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण जमा हुए भारी मलबे की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा नदी के विभिन्न हिस्सों में बहाव में आ रही बाधाओं, तटवर्ती बस्तियों एवं अधोसंरचना पर संभावित खतरे और ड्रेजिंग कार्य के लिए चिन्हित स्थलों की जानकारी साझा की गई।
डीसी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को चिन्हित अति संवेदनशील स्थलों से संबंधित सभी आवश्यक राजस्व अभिलेख एवं संबंधित पंचायतों की अनापत्ति प्रमाण-पत्र संबंधित औपचारिकताएं एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि ड्रेजिंग कार्य के लिए सभी औपचारिकताओं में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए। डीसी ने कहा कि जमा मलबा नदी के प्राकृतिक बहाव को प्रभावित होने से खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जन-धन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ड्रेजिंग कार्य को सभी कानूनी प्रक्रियाओं एवं विभागीय समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने और जमीनी स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



