सोलन : डगशाई पब्लिक स्कूल में नौवीं कक्षा के छात्र के साथ कथित रैगिंग और मारपीट का मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन ने पांच आरोपी छात्रों को निलंबित कर दिया है।
सभी आरोपी छात्र पंजाब के रहने वाले हैं और 11वीं व 12वीं कक्षा में पढ़ते हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ये मामला सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने भी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि घटना 5 सितंबर की है। आरोप है कि पांच सीनियर छात्रों ने नौवीं कक्षा के एक छात्र को हॉस्टल के कमरे में ले जाकर उसके साथ मारपीट की। वायरल वीडियो में एक सीनियर छात्र कथित तौर पर पीड़ित छात्र को थप्पड़ मारता और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता दिखाई दे रहा है।
वीडियो सामने आने और पीड़ित छात्र के परिजनों की ओर से स्कूल परिसर में विरोध जताए जाने के बाद स्कूल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पांचों छात्रों को सस्पेंड कर दिया।
पुलिस ने पीड़ित छात्र तलविंदर मानेश और अन्य की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस टीम स्कूल पहुंचकर आरोपी छात्रों, हॉस्टल वार्डन और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। स्कूल के प्रिंसिपल रविंद्र वोहरा के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। सोलन के पुलिस अधीक्षक टीएसडी वर्मा ने कहा कि रैगिंग को लेकर कानून में कड़े प्रावधान हैं और ऐसी घटनाओं को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि मामला केवल 5 सितंबर की घटना तक सीमित नहीं है। परिजनों का दावा है कि पिछले करीब चार महीनों से सीनियर छात्र जूनियर विद्यार्थियों को कथित तौर पर रैगिंग, धमकी, मारपीट और गाली-गलौज के जरिए परेशान कर रहे थे। पुलिस इन आरोपों को भी जांच का हिस्सा बनाकर साक्ष्य जुटा रही है।
इस बीच, एक सिख छात्र से जुड़ी कथित रैगिंग की घटना पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने भी चिंता जताई है। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण देना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने किसी भी छात्र को डराने, अपमानित करने या प्रताड़ित करने वाले व्यवहार को अस्वीकार्य बताया।
बताया गया है कि जत्थेदार ने पीड़ित छात्र और उसके परिवार से संपर्क कर उनकी स्थिति की जानकारी ली और परिवार को हरसंभव समर्थन का भरोसा दिया। वहीं, पीड़ित परिवार ने स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए प्रिंसिपल को पद से हटाने की मांग की है। जत्थेदार की ओर से भी मौजूदा प्रिंसिपल को तत्काल बदलने की मांग किए जाने की बात सामने आई है।
