धंग्यारा/मंडी : पुरातन परंपराओं का निर्वहन करते हुए मंडी जनपद के आराध्य बड़ा देव कमरूनाग जी ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव- 2026 के लिए प्रस्थान किया। कमरू घाटी के गोत गांव में भंडार से प्रातः काल देव वाद्य यंत्रों की मंगल ध्वनि के बीच बड़ा देव कमरुनाग जी का सूरज पख्खा धंग्यारा गलू स्थित परता स्थल (थड़ा) पर पहुंचा। यहां कुछ समय विश्राम के दौरान स्थानीय लोगों ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

बड़ा देव के पुजारी बोधराज ठाकुर ने बताया कि 9 दिन की पैदल यात्रा के बाद बड़ा देव कमरूनाग का स्वरूप सूरज पख्खा मंडी नगर पहुंचेगा। इस बीच विभिन्न क्षेत्रों में देव कमरूनाग जी अपने भक्तों को दर्शन देंगे। 13 फरवरी को देव कमरूनाग मंडी शहर के करीब गुटकर में अपने भक्त के घर पर रात्रि ठहराव करेंगे। वहीं 14 फरवरी को मंडी शहर के प्रवेश द्वार पुलघराट के समीप जिला प्रशासन और सर्व देवता कमेटी द्वारा बड़ादेव का परंपरागत स्वागत किया जाएगा।
बड़ा देव कमरूनाग का मंडी जनपद के अधिष्ठाता राज देवता माधोराय के राजमहल स्थित मंदिर में महामिलन होगा, जहां अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं डीसी मंडी अपूर्व देवगन कमरुनाग जी का विधिवत स्वागत करेंगे। इसके उपरांत राज परिवार द्वारा स्वागत करने के बाद बड़ा देव कमरूनाग जी टारना स्थित माता श्यामा काली मंदिर के लिए प्रस्थान कर जाएंगे, जहां वे पूरे शिवरात्रि महोत्सव के दौरान विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के कारज बड़ा देव कमरूनाग के मंडी पहुंचने पर ही आरंभ माने जाते हैं।
काहुली और नगाड़ा से निकली मधुर देवधुन
परंपरागत वाद्य यंत्रों की देवधुन की मधुर स्वर लहरियों के साथ बड़ा देव पूरे लाव-लश्कर के साथ राज माधोराय की नगरी के लिए रवाना हुए। चार काहुली, रियासतकालीन नगाड़ा, ढोल और धांस बजाते बजंतरी मंगल ध्वनि करते आगे बढ़े। बड़ादेव के दल में पुजारी बोधराज ठाकुर, कटवाल चेत राम ठाकुर, पूर्व गूर समेत 28 देवलू साथ रवाना हुए। पुलिस कर्मी और राजस्व विभाग के कर्मचारी भी इस दौरान साथ चल रहे हैं।



