मंडी : लोगों को लंबे समय से चले आ रहे विवादों से राहत दिलाने के लिए मंडी में “मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0” अभियान शुरू किया गया है। जब तक सभी लंबित मामले सुलझ नहीं जाते, यह अभियान जारी रहेगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति द्वारा यह अभियान जिला मंडी के जिला एवं तालुका न्यायालयों में चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत ऐसे मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है, जिनमें पक्षकार आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर सकते हैं। इनमें विवाह संबंधी विवाद, पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन चालान, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद तथा ऋण वसूली से जुड़े मामले शामिल हैं। इसके अलावा विभाजन एवं बेदखली के मुकदमों, भूमि अधिग्रहण तथा अन्य उपयुक्त नागरिक मामलों को भी मध्यस्थता के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडी के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विवेक कायस्थ ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता को विवादों के वैकल्पिक समाधान की ओर प्रेरित करना तथा लंबे समय से लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से दोनों पक्ष एक प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर सकते हैं। मध्यस्थता की प्रक्रिया गोपनीय, लचीली और कम खर्चीली होती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे लंबित विवादों को शीघ्र सुलझाने के लिए मध्यस्थता का लाभ उठाएं।