शिमला : हिमाचल में अब मानसून पूरी ताकत के साथ कहर बरपाने की तैयारी में है। अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं। मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई को चार जिलों में रेड अलर्ट जारी करते हुए भारी से अति भारी बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का गंभीर खतरा जताया है, जबकि 23 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब रहने की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
20 से 23 जुलाई के बीच मानसून के सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, नदियों-नालों के उफान पर आने, सड़कें बंद होने और जनजीवन के व्यापक रूप से प्रभावित होने का खतरा बना रहेगा। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।
आज इन जिलों में अलर्ट
रविवार को कांगड़ा, मंडी और शिमला जिले में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
अगले 48 घंटे सबसे चुनौतीपूर्ण मौसम विभाग के अनुसार सोमवार (20 जुलाई) और मंगलवार (21 जुलाई) को प्रदेश के सभी 12 जिलों में रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी से अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू और शिमला में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि सोलन, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
लोगों के लिए सलाह
नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें। प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें। पहाड़ी मार्गों पर सफर से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।