श्री रेणुकाजी : जिला सिरमौर के श्री रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौहराधार में जर्जर भवन की छत से प्लास्टर गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार शाम करीब चार बजे एक बार फिर छत से प्लास्टर की परतें गिर गईं।
इस दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और अन्य कर्मचारी बाल-बाल बच गए। गनीमत रही कि पलस्तर किसी के ऊपर नहीं गिरा, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद डॉक्टरों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और सभी आनन-फानन में भवन से बाहर निकल गए। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों के साथ-साथ उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहले चौकीदार घायल, अब फिर टला बड़ा हादसा
सीएचसी नौहराधार के पुराने भवन में छत से प्लास्टर गिरने की यह तीसरी घटना बताई जा रही है। इससे पहले सोमवार रात को छत से सीमेंट की परत गिरने से ड्यूटी पर तैनात चौकीदार नरेश कुमार घायल हो गए थे। इससे पहले 16 मई को भी ऐसी घटना पेश आई थी।
बार-बार हो रही इन घटनाओं के बावजूद पुराने भवन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है। भवन की हालत लगातार चिंताजनक होती जा रही है और यहां काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए खतरा बना हुआ है।
नया भवन तैयार, फिर शिफ्टिंग में देरी क्यों?
हैरानी की बात यह है कि सीएचसी नौहराधार का 30 बिस्तरों वाला नया भवन बनकर तैयार है। इसके बावजूद अस्पताल को पुराने जर्जर भवन से नए भवन में शिफ्ट नहीं किया गया है। इस देरी को लेकर लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा में कर्मचारियों और मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लगातार छत से मलबा गिरने की घटनाएं किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
सीएमओ ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश प्रताप ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने बीएमओ संगड़ाह को तत्काल कार्रवाई करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करने या अस्पताल को नए भवन में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं।

