शिमला : प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी 135 पुलिस थानों को छह श्रेणियों में वर्गीकृत करने का निर्णय लिया है. जनसंख्या, भौगोलिक क्षेत्र, आपराधिक गतिविधियां, वीआईपी मूवमेंट, यातायात व्यवस्था, अंतर-राज्यीय सीमाएं और पर्यटकों की आमद जैसे कारकों को ध्यान में रखते हुए पुलिस थानों का वर्गीकरण करने का फैसला लिया गया है.
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इस पहल का उद्देश्य सेवा वितरण को बढ़ाना, कानून व्यवस्था में सुधार और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करना है. पुलिस थानों को वार्षिक अपराध पंजीकरण की संख्या के आधार पर ए प्लस से ई कुल छह श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है. प्रति वर्ष 250 से अधिक मामले दर्ज करने वाले थानों को ए प्लस की श्रेणी में रखा गया है और प्रदेश में इस प्रकार केे 15 थानों की पहचान की गई है. इसके अतिरिक्त ए श्रेणी में 5, बी में श्रेणी 25, सी श्रेणी में 47, डी में 28 और ई श्रेणी में 15 पुलिस थाने चिन्हित किए गए हैं.
पुलिस कर्मियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए भी पुलिस थानों का वर्गीकरण निर्धारित किया गया है. ए प्लस श्रेणी के थानों में कम से कम 70, ए श्रेणी में 65, बी श्रेणी में 48, सी श्रेणी में 37, डी श्रेणी में 25 और ई श्रेणी में 19 पुलिस कर्मी तैनात होंगे. प्रत्येक थाने में जांच अधिकारियों की संख्या एफआईआर पंजीकरण की आवृत्ति के आधार पर निर्धारित की जाएगी.
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पुलिस विभाग को इस नए वर्गीकरण के अनुसार पद भरने और पुलिस बल को तैनात करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाकर कानून व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके. इस प्रयास से पुलिस की कार्यकुशलता में वृद्धि होने के साथ-साथ राज्य में सार्वजनिक सेवा में सुधार होगा.