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मेडिकल कालेज नाहन में जल्द शुरू होगी ये सुविधा, रोगियों को लंबी कतारों से मिलेगी निजात, समय भी बचेगा

आभा आईडी स्कैन एंड शेयर सेवा रोगियों के लिए ओपीडी में पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाती है. इस सेवा के जरिए मरीजों को लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं पड़ती.

नाहन : डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कालेज नाहन में अब पर्ची बनाने के लिए मरीजों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. चंद मिनटों के भीतर ही रोगी के हाथ में पर्ची होगी.

दरअसल, नाहन मेडिकल कालेज में स्कैन एंड शेयर की सुविधा शुरू होने वाली है. ये सुविधा उन मरीजों को मिलेगी, जिनकी आभा आईडी बन चुकी है. इससे न केवल मरीजों को पर्ची बनाने के लिए अब लंबी-लंबी कतारों से निजात मिल जाएगी, बल्कि समय की भी बचत होगी. ये सुविधा एक हफ्ते के भीतर शुरू होने वाली है.

मंगलवार को मेडिकल कालेज के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. अजय पाठक ने पर्ची काउंटर का निरीक्षण भी किया और इस सेवा को शुरू करने के लिए जरूरी दिशा निर्देश भी जारी किए.

डॉ. अजय पाठक ने बताया कि जिन लोगों की आभा आईडी बनी है और ये आईडी मोबाइल नंबर से लिंक है, उनके लिए पर्ची काउंटर के बाहर स्कैनर लगा दिया जाएगा. इसे स्कैन करते ही मरीज की पर्ची अपने आप बन जाएगी. इसके लिए यहां एक सेपरेट काउंटर भी शुरू किया जाएगा, जिसमें प्रिंटर मशीन होगी. स्कैनर पर स्कैन करने के बाद मरीज इस काउंटर से अपनी पर्ची उठा सकेंगे.

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उन्होंने सभी लोगों से ये भी अपील की कि जिन लोगों की अभी तक आभा आईडी नहीं बनी है, वह तुरंत इसे बना लें. इस आईडी को अपने फोन और आधार के साथ लिंक करके रखें. ताकि मरीज अब अपनी पर्ची खुद बना सकें. इससे उन्हें लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा. ये सुविधा हफ्तेभर से पहले शुरू कर दी जाएगी.

क्या है ये सुविधा
बता दें कि आभा आईडी 14 अंकों का एक डिजिटल हेल्थ कार्ड नंबर है. इसे आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता भी कहा जाता है. यह एक तरह का हेल्थ आईडी कार्ड है. आभा आईडी से अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से साझा किया जा सकता है. इसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति की पहचान करने और उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को जोड़ने के लिए किया जाता है.

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आभा आईडी कैसे बनाएं
आधार कार्ड या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके आभा आईडी बनाई जा सकती है. आभा आईडी बनाने के लिए अपना नाम, जन्म का साल, लिंग, पता, और मोबाइल नंबर देना होगा. अगर आधार नंबर का इस्तेमाल करके आभा आईडी बना रहे हैं, तो आधार नंबर भी देना जरूरी है.

स्कैन एंड शेयर सेवा के लाभ
आभा आईडी स्कैन एंड शेयर सेवा रोगियों के लिए ओपीडी में पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाती है. इस सेवा के जरिए मरीजों को लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे किसी भी मरीज के स्वास्थ्य की पूरी जानकारी जैसे पिछले इलाज, डायग्नोसिस और दवाइयों के बारे में आसानी से पता चलता है. इससे समय की बचत होती है और मरीज को बेहतर इलाज मिल सकता है. आभा आईडी से डॉक्टरों के बारे में सत्यापित जानकारी भी मिलती है. मरीज को अपने मेडिकल सर्टिफिकेट साथ ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती. चिकित्सक मरीज के रिकॉर्ड को आसानी से देख सकते हैं और बेहतर इलाज दे सकते हैं.

Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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