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निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त हुआ शिक्षा विभाग! स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट रोका तो होगी बड़ी कार्रवाई

निदेशालय प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि प्रदेश के कई निजी शिक्षण संस्थान सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर मांगी जाने वाली गतिविधियों, रिपोर्ट और अन्य जरूरी सूचनाएं भी उपलब्ध नहीं करवा रहे हैं।

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शिमला : हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों के स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) रोकने की शिकायतों को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी निजी स्कूल ने अभिभावकों को समय पर स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट देने में देरी की या उसे रोकने की कोशिश की तो संबंधित संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निदेशालय प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि प्रदेश के कई निजी शिक्षण संस्थान सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर मांगी जाने वाली गतिविधियों, रिपोर्ट और अन्य जरूरी सूचनाएं भी उपलब्ध नहीं करवा रहे हैं। विभाग के अनुसार यह स्थिति हिमाचल प्रदेश प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टिट्यूशंस (रेगुलेशन) एक्ट, 1997 के प्रावधानों के विपरीत है।

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आदेशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई मामलों में जब अभिभावक अपने बच्चों का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट मांगते हैं तो निजी स्कूल विभिन्न अनावश्यक कारणों का हवाला देकर प्रमाणपत्र जारी करने से इनकार कर देते हैं। शिक्षा विभाग ने इस तरह की प्रवृत्ति को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के खिलाफ बताया है।

शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के सभी निजी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी करें कि विभाग द्वारा मांगी जाने वाली जानकारी और रिपोर्ट समय पर उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही जब भी कोई अभिभावक अपने बच्चे का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट मांगे तो उसे बिना किसी देरी के तुरंत जारी किया जाए।

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विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि इन निर्देशों की अवहेलना की गई तो मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी एनओसी तक रद्द की जा सकती है।