नाहन : राष्ट्रवाद, हिंदी भाषा और सुशासन जैसे विषयों पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सिरमौर के पच्छाद क्षेत्र के डॉ. मनोज शर्मा ने हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 30 और 31 अक्टूबर को आयोजित सम्मेलन में अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्रवाद विषय पर सामूहिक शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए उन्हें प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
पच्छाद उपमंडल के टिक्करी पजेली निवासी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि विश्व हिंदी परिषद की ओर से आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी : हिंदी, राष्ट्रवाद एवं सुशासन’ विषय पर केंद्रित था।
इसमें पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा, फिजी गणराज्य के राजदूत जगन्नाथ सामी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा, सांसद के.सी. त्यागी और विश्व हिंदी परिषद के अध्यक्ष पद्म भूषण यारलगड्डा लक्ष्मी प्रसाद सहित कई गणमान्य विद्वानों ने भाग लिया। सम्मेलन में हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
डॉ. मनोज शर्मा को सम्मेलन के दौरान फिजी गणराज्य के राजदूत जगन्नाथ सामी के साथ विशेष प्रोटोकॉल में बातचीत करने का अवसर भी मिला। हिंदी भाषा, साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रहित के प्रचार-प्रसार में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
परिषद की शोध पत्र चयन समिति की संस्तुति पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डी.पी. मिश्र ने डॉ. मनोज शर्मा को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर उनके पुत्र सत्यव्रत शर्मा भी उनके साथ मौजूद रहे।

