धौलाकुआं : क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र धौलाकुआं (सिरमौर) में बुधवार को राजकीय उच्च विद्यालय धायली (ददाहू) के कक्षा छठी से आठवीं तक के 30 विद्यार्थियों का पूर्व-व्यावसायिक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को बागवानी, कृषि और प्राकृतिक खेती से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना रहा।

इस अवसर पर सह-निदेशक अनुसंधान डॉ. प्रियंका ठाकुर ने विद्यार्थियों को ड्रैगन फ्रूट, लीची, रंगीन आम और किन्नू जैसे उपोष्णकटिबंधीय फलों की पहचान और उत्पादन तकनीक की जानकारी दी। साथ ही फल और फूलों का दैनिक जीवन में महत्व, गेंदा और डहलिया जैसे सजावटी फूल, हिमाचल की देशी सजावटी प्रजातियां, उनकी प्रवर्धन विधियां, फल-सब्जियों का पोषण महत्व और प्राकृतिक खेती की अवधारणा पर विस्तार से समझाया।
युवा पेशेवर सिमरन कश्यप ने विद्यार्थियों को ड्राई फ्लावर प्रयोगशाला का भ्रमण करवाया। उन्होंने सजावटी फूलों और कृषि अपशिष्ट से तैयार मूल्य संवर्धित उत्पादों के बारे में विस्तार से बताया। इसके अलावा किन्नू, स्ट्रॉबेरी, अमरूद और आम जैसी फसलों के साथ शीतकालीन वार्षिक फूलों की अंत:फसल प्रणाली और शीतकालीन फूलों के प्रवर्धन की व्यावहारिक प्रक्रिया भी समझाई गई।
फील्ड वर्कर बलबीर ने सेब की टंग ग्राफ्टिंग और टी-बडिंग सहित विभिन्न उपोष्णकटिबंधीय फलों की प्रवर्धन तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया। इस दौरान फील्ड असिस्टेंट ग्रेड-1 राकेश भी उपस्थित रहे। भ्रमण में विद्यालय के शिक्षक पवन कुमार, विक्रम कुमार और सचिन कुमार के साथ विद्यालय प्रबंधन समिति की सदस्य कमलेश और ममता भी शामिल रहीं।
डॉ. प्रियंका ठाकुर ने बताया कि यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिससे उनमें बागवानी, कृषि और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति रुचि विकसित हुई।



