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नाहन फिर पुराने संकट की ओर… डॉ. बिंदल ने पेयजल और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल, सुक्खू सरकार को घेरा

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर नाहन की दो सबसे महत्वपूर्ण मूलभूत सेवाओं को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया। रविवार को नाहन में पत्रकारों से बातचीत में डॉ. बिंदल ने कहा कि महज चार साल के कार्यकाल के भीतर ही कांग्रेस सरकार ने नाहन की दो सबसे बड़ी लाइफलाइन 'पेयजल' और 'स्वास्थ्य' सेवाओं को वेंटिलेटर पर लाकर खड़ा कर दिया है।

नाहन : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर नाहन की दो सबसे महत्वपूर्ण मूलभूत सेवाओं को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया। रविवार को नाहन में पत्रकारों से बातचीत में डॉ. बिंदल ने कहा कि महज चार साल के कार्यकाल के भीतर ही कांग्रेस सरकार ने नाहन की दो सबसे बड़ी लाइफलाइन ‘पेयजल’ और ‘स्वास्थ्य’ सेवाओं को वेंटिलेटर पर लाकर खड़ा कर दिया है।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर सरकार अब भी अपनी कुंभकर्णी नींद से नहीं जागी, तो नाहन के लोग एक बार फिर दशकों पुराने उसी पानी और इलाज के भयानक संकट वाले दौर में गुजरने को मजबूर हो जाएंगे, जिससे उन्हें बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया था।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में नाहन की पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए गिरि उठाऊ पेयजल योजना को सुदृढ़ किया गया था और सात ट्यूबवेल स्थापित किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 से अब तक इनमें से चार ट्यूबवेल पूरी तरह बंद हो चुके हैं और पूरी योजना केवल तीन ट्यूबवेल के सहारे चल रही है। उन्होंने कहा कि यदि शेष तीन में से एक भी ट्यूबवेल प्रभावित हुआ तो शहर को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और हर वर्ष की तरह इस बार भी पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है। उन्होंने रामाधौन बाईपास का कार्य लंबित रहने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस क्षेत्र से गुजरने वाली मुख्य पेयजल लाइन बरसात के दौरान फिर प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के समय जिन योजनाओं का नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण किया गया था, उनका वर्तमान सरकार उचित रखरखाव नहीं कर पाई।

पेयजल के साथ साथ बिंदल ने नाहन मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जिस मेडिकल कॉलेज के नए भवन से नाहन को आधुनिक इलाज की उम्मीद जगी थी, आज वह खुद ‘बीमार’ नजर आ रहा है। अस्पताल के चार ऑपरेशन थिएटरों (OT) में से दो पर ताला लटका है, जिसके चलते ऑर्थोपेडिक, गायनी, ईएनटी और जनरल सर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों को एक ही कतार में अपनी बारी के लिए दिनों-दिन तड़पना पड़ रहा है।

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अस्पताल में करोड़ों की सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीनें तो हैं, लेकिन उन्हें चलाने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी किल्लत है। दूरदराज से आने वाले गरीब मरीज सिर्फ पर्चियां कटाकर लौटने को मजबूर हैं या फिर बाहरी राज्यों के अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में यहां जटिल सर्जरियां और रिप्लेसमेंट ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए, लेकिन अब डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के कारण विभाग पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मानव संसाधनों की कमी का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है और इसका सबसे बड़ा खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है।

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डॉ. बिंदल ने कांग्रेस के ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नारे पर करारा तंज कसते हुए कहा कि दावों और हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने साफ किया कि यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि नाहन की जनता की वो सिसकी है जो सरकार तक नहीं पहुंच रही है। इस मौके पर उनके साथ जिला मीडिया प्रभारी राकेश, मंडल अध्यक्ष संजय पुंडीर, वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र अग्रवाल और पूर्व पार्षद विक्रम सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।

Aapki Baat News Desk
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