नाहन : राष्ट्रीय सेवा योजना के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन नाहन महाविद्यालय के स्वयंसेवियों ने 20 किलोमीटर पदयात्रा, स्वच्छता अभियान और सामाजिक जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से सेवा, साहस और उत्तरदायित्व का प्रेरक परिचय दिया। पूरे दिन चली गतिविधियों में प्लास्टिक मुक्त और नशा मुक्त हिमाचल का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।

यह कार्यक्रम एनएसएस जिला नोडल अधिकारी डॉ. पंकज चांडक के निर्देशन और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वैभव कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित हुए। इसकी शुरुआत महाविद्यालय परिसर से जाब्बल का बाग, सलानी नदी मार्ग होते हुए माता बालासुंदरी त्रिलोकपुर तक 20 किलोमीटर लंबी पदयात्रा से हुई। रास्ते भर स्वयंसेवियों ने जागरूकता संदेश देते हुए लोगों को पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्ति के लिए प्रेरित किया।
पदयात्रा के दौरान स्वयंसेवियों ने सलानी नदी के जल स्रोतों, आसपास के क्षेत्रों और त्रिलोकपुर बाजार में स्वच्छता अभियान चलाया। जल स्रोतों से प्लास्टिक और अन्य कचरा हटाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय कार्य किया। त्रिलोकपुर पहुंचने पर स्वयंसेवियों ने माता बाला सुंदरी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और इसके बाद सिरमौर संस्कृति संग्रहालय का भ्रमण किया। मंदिर अधिकारी विजय ने संसाधन व्यक्ति के रूप में मंदिर के इतिहास और धार्मिक महत्व की जानकारी दी, जबकि संग्रहालय के चित्रकार और अधिकारी चंदन ने ऐतिहासिक धरोहरों और स्थानीय कला की विशेषताओं से अवगत कराया।
सायंकाल शिविर स्थल पर विभिन्न समूहों द्वारा लोकगीत, नृत्य और प्रेरणादायक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के संदेश के साथ शिविर का चौथा दिन सफल रहा


