नाहन : हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने विभागीय उदासीनता पर गहरी नाराजगी जताते हुए कच्चा टैंक सहायता कक्ष की शिफ्टिंग को लेकर 15 दिन का लिखित नोटिस देने का निर्णय लिया है। संघ का कहना है कि एचआरटीसी द्वारा बस स्टैंड भवन में दो कमरे उपलब्ध कराए जाने के बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा, जिससे कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कच्चा टैंक में जहां मौजदा समय में ये कक्ष चलाया जा रहा है, वो बदहाल और जर्जर हालत में है।

इस मुद्दे को लेकर इकाई नाहन का प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष ईरशाद रहमान की अध्यक्षता में अधीक्षण अभियंता, ऑपरेशन वृत्त नाहन से भी मिला था, लेकिन बैठक में अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। संघ के अनुसार पिछले दो वर्षों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं और हर बार नए कारण बताकर मामले को टाल दिया जाता रहा है।
संघ ने बताया कि फील्ड में तकनीकी कर्मचारियों की पहले ही भारी कमी है। ऐसे में कर्मचारियों के सामने यह दुविधा बनी रहती है कि वे बिजली व्यवस्था सुधारें या फिर प्रशासनिक कार्यों के लिए इधर-उधर भागते रहें। इससे उपभोक्ताओं को भी समय पर सेवाएं देने में परेशानी हो रही है।
संगठन ने गुन्नू घाट स्थित विद्युत अनुभाग कार्यालय की हालत को भी बेहद खराब बताते हुए कहा कि वहां न तो कर्मचारियों के बैठने के लिए उचित फर्नीचर है और न ही शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। संघ के अनुसार पूरे विद्युत मंडल नाहन के अंतर्गत अधिकांश अनुभाग कार्यालयों की स्थिति इसी प्रकार की है, जबकि उच्च स्तर के कार्यालयों में सभी मूलभूत सुविधाएं मौजूद हैं।
संघ ने आरोप लगाया कि जिन्हें बिजली बोर्ड की रीढ़ कहा जाता है, वही तकनीकी कर्मचारी सबसे अधिक शोषण का सामना कर रहे हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि 15 दिनों के भीतर कच्चा टैंक सहायता कक्ष को एचआरटीसी द्वारा उपलब्ध कराए गए कमरों में स्थानांतरित नहीं किया गया तो कच्चा टैंक अनुभाग के सभी कर्मचारी रानीताल स्थित उपमंडल नाहन नंबर-1 कार्यालय से ही ड्यूटी देने के लिए बाध्य होंगे।
संघ ने चेतावनी दी कि कर्मचारियों की बुनियादी कार्य परिस्थितियों में यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो आगे और कड़े संगठनात्मक निर्णय लिए जाएंगे। इस संबंध में अध्यक्ष समीर बख्श और सचिव श्याम कुमार ने विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।



