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श्री रेणुकाजी झील पर प्रतिदिन आरती की पहल सराहनीय : राज्यपाल

राज्यपाल ने आरती की नई परंपरा शुरू करने के लिए जिला प्रशासन और श्री रेणुकाजी विकास बोर्ड की सराहना की और स्थानीय आश्रमवासियों से नियमित रूप से आरती करने का आग्रह किया।

श्री रेणुकाजी : राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बुधवार को सिरमौर जिला के श्री रेणुकाजी में अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की।

इस अवसर पर उन्होंने पवित्र श्री रेणुकाजी झील के देवघाट पर प्रतिदिन आरती के आयोजन की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने की इस परंपरा को आगे बढ़ाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालु भक्तिभाव के साथ इस पवित्र स्थान पर आते हैं, यह अत्यंत प्रेरणादायक है। भगवान परशुराम की कृपा इस अटूट आस्था पर सदा बनी रहे।

उन्होंने आरती की नई परंपरा शुरू करने के लिए जिला प्रशासन और श्री रेणुकाजी विकास बोर्ड की सराहना की और स्थानीय आश्रमवासियों से नियमित रूप से आरती करने का आग्रह किया।

लोगों से अपनी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करने का आह्वान करते हुए उन्होंने देश की रक्षा में सिरमौर के लोगों के उल्लेखनीय योगदान की सराहना की।

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राज्यपाल ने श्री रेणुकाजी क्षेत्र में प्राकृतिक सौन्दर्य के संवर्धन और इसकी पवित्रता बनाए रखने के लिए सरकार और समाज से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।

उन्होंने लोगों, विशेषकर युवाओं से नशे से दूर रहने और एक स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने गांव को नशे के खतरे से मुक्त और सुरक्षित रखने का संकल्प लेने की आवश्यकता है। संस्कृति हमारी सबसे बड़ी विरासत है और इसका पालन और संरक्षण करके ही समाज वास्तव में समृद्ध हो सकता है।

श्री रेणुकाजी को हिमाचल प्रदेश के सबसे खूबसूरत तीर्थ स्थलों में से एक बताते हुए उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम और माता रेणुकाजी के मिलन की सदियों पुरानी परंपरा आज भी श्रद्धालुओं के मन में बसी हुई हैं।

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राज्यपाल ने कहा कि मेलों और त्योहारों ने पीढ़ियों से भारत की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि समाज में प्रगति और समृद्धि के साथ-साथ हमें अपनेे नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी संरक्षित करना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि श्री रेणुकाजी मेला भगवान परशुराम जी का अपनी माता देवी रेणुका जी के प्रति भक्ति का प्रतीक है। यह मेला भारतीय समाज के शाश्वत मूल्यों को कायम रखता है। उन्होंने मेले के सफल आयोजन से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि देवी रेणुकाजी का विशेष धार्मिक महत्त्व है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने भगवान परशुराम जी और माता रेणुकाजी के मंदिरों में पूजा-अर्चना की और पारंपरिक देव विदाई समारोह में भाग लिया। उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों, स्वयं सहायता समूहों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का भी अवलोकन किया।

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उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण के लिए अपने प्रयास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। राज्यपाल ने सर्वश्रेष्ठ विभागीय प्रदर्शनियों के लिए पुरस्कार भी वितरित किए। उद्योग विभाग ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि बागवानी विभाग दूसरे और कृषि विभाग तीसरे स्थान पर रहा।

डीसी प्रियंका वर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सांसद सुरेश कश्यप, राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा, एसपी निश्चिंत नेगी, श्री रेणुकाजी विकास बोर्ड के पदाधिकारी, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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