नाहन : विधानसभा क्षेत्र नाहन की नेहली पंचायत के अंतर्गत आने वाले कई गांवों के ग्रामीणों ने दो अलग-अलग स्थानीय समस्याओं को लेकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग उठाई है।
शुक्रवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल अतिरिक्त उपायुक्त सिरमौर एकता कापटा से मिला। इस दौरान ग्रामीणों ने ग्राम मंडलाहां (बड़वा) में प्रस्तावित पत्थर क्रेशर का विरोध जताया। साथ ही नाहन-श्री रेणुकाजी सड़क से जुड़े भूमि कटाव के कारण मकानों पर मंडरा रहे खतरे को लेकर उचित समाधान की गुहार लगाई।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि ग्राम मंडलाहां (बड़वा) में पत्थर क्रेशर लगाया जा रहा है। इसका आसपास के गांवों के लोग विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्रेशर शुरू होने से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा, जिससे पर्यावरण के साथ-साथ पशुओं के चारे, कृषि भूमि और फसलों पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इससे आसपास के गांवों के लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
ग्राम पंचायत नेहली धीड़ा की 2 अक्टूबर 2026 को आयोजित ग्राम सभा की बैठक में भी इस मामले पर चर्चा की गई थी, जिसमें काटल, बेरिया, मंडलाहां (बड़वा), जलाड़ा, चाकली, खरक, फफड़ाहू और नेहली के ग्रामीणों ने क्रेशर लगाने पर आपत्ति जताई।
ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर क्रेशर का कार्य बंद करवाने की मांग की थी। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि पंचायत की ओर से क्रेशर लगाने के लिए पहले कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया गया है, तो ग्राम सभा उसका खंडन करती है। उनका आरोप है कि क्रेशर मालिक ने आसपास के गांवों के लोगों से सहमति नहीं ली है।
मकानों पर मंडराया खतरा
दूसरे मामले में ग्रामीणों ने नाहन-श्री रेणुकाजी सड़क से जुड़ी समस्या उठाई। पंचायत के पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान हरि सिंह ठाकुर, वार्ड मेंबर सीमा व नितेश, पूर्व वार्ड मेंबर रमेश कुमार और सुरेंद्र सिंह और शिव दर्शन शर्मा आदि ग्रामीणों ने बताया कि पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण सड़क के आसपास की निजी भूमि में कटाव हुआ है। इसके चलते काफी पत्थर और मलबा लोगों की जमीन तक पहुंच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे उनके मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है।
इस समस्या को लेकर वर्ष 2025 में लोक निर्माण विभाग को कई बार सूचित किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रभावित स्थान के नीचे चार मकान हैं, जिन पर लगातार हो रहे भूमि कटाव और पानी के बहाव के कारण खतरा बना हुआ है। पंचायत ने आशंका जताई कि समय रहते सुरक्षा और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो जान-माल और संपत्ति को गंभीर नुकसान हो सकता है।
इस मामले में राजस्व विभाग से प्रभावित निजी भूमि का निरीक्षण और नुकसान का आकलन करवाकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग भी उठाई गई। दोनों मामलों में प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त उपायुक्त एकता कापटा से उचित कार्रवाई की मांग उठाई।

