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राजस्व मंत्री ने पीसीडीओ व फल विधायन केंद्र राजगढ़ का किया निरीक्षण, बागवानों व किसानों की समस्याएं भी सुनीं

जिला सिरमौर के चार दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं लोक शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के राजगढ़ में पीसीडीओ व फल विधायन केंद्र राजगढ़ का निरीक्षण किया और स्थानीय बागवानों व किसानों की समस्याएं भी जानीं।

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राजगढ़ : जिला सिरमौर के चार दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं लोक शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के राजगढ़ में पीसीडीओ व फल विधायन केंद्र राजगढ़ का निरीक्षण किया और स्थानीय बागवानों व किसानों की समस्याएं भी जानीं। बागवानी मंत्री ने कहा कि पिछले चार दिन से वह जिला सिरमौर के प्रवास पर रहे, जहां उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के केंद्रों और एचपी शिवा क्लस्टर इकाइयों का दौरा भी किया। इस दौरान वह किसानों व बागवानों से मिले और उनकी समस्याओं का मौके पर निराकरण किया।

बागवानी मंत्री ने राजगढ़ स्थित फल विधायन केंद्र का निरीक्षण कर वहां संचालित गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से केंद्र की कार्यप्रणाली, प्रसंस्करण क्षमता तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने फल प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज, ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग व्यवस्था का जायजा भी लिया। जगत सिंह नेगी ने हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार को याद करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक फल विधायन केंद्र है, जो क्षेत्र के बागवानों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बागवानी उनकी ही देन है।

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इस दौरान उन्होंने 1 लाख 10 हजार से निर्मित हिमकु के नवीन बिक्री केंद्र का उद्घाटन किया, जिससे स्थानीय बागवानी उत्पादों के विपणन को बढ़ावा मिलेगा। इससे पूर्व बागवानी मंत्री ने डिंबर पंचायत का दौरा किया किया, जहां उन्होंने एचपी शिवा परियोजना के अंतर्गत कीवी फसल के लिए क्लस्टर गठन के लिए बागवानों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि राजगढ़ क्षेत्र की जलवायु कीवी उत्पादन के लिए अनुकूल है और क्लस्टर आधारित खेती से किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

बागवानी मंत्री ने फल पौध एवं प्रदर्शन केंद्र (पीसीडीओ) राजगढ़ का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में तैयार की जा रही विभिन्न फल प्रजातियों के पौधों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र में कीवी एवं स्टोन फ्रूट्स के प्रदर्शन बाग स्थापित किए जाएं और विभिन्न रूटस्टॉक्स के जर्मप्लाज्म का वैज्ञानिक संरक्षण एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बागवानों को प्रमाणित एवं रोगमुक्त पौधे समय पर उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तायुक्त पौध सामग्री ही बागवानी क्षेत्र की सफलता की आधारशिला है।

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बागवानी मंत्री ने अंबेडकर भवन राजगढ़ में किसानों के साथ संवाद किया। इस दौरान किसानों व बागवानों ने नकदी फसलों की बीमारियों के बारे और सुरक्षा से संबंधित मुद्दे उठाए। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों बागवानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को किसानों के लिए नियमित प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए, ताकि नई तकनीकों की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुंच सके।

इस मौके पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष जीआर मुसाफिर और कांग्रेस नेत्री दयाल प्यारी ने भी क्षेत्र से संबंधित समस्याएं बागवानी मंत्री के समक्ष रखीं और उनके निराकरण का आग्रह किया। इस अवसर पर एसडीएम राजकुमार, डीएसपी विद्या चंद नेगी, उपनिदेशक बागवानी डॉ. संतोष बक्शी, विषय विशेषज्ञ राजगढ़ डॉ. विनोद ढोल्टा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और क्षेत्र के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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