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बिलासपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत में 3810 केसों का आपसी सहमति से निपटारा, 4.69 करोड़ के मामलों का समाधान

इस लोक अदालत में कुल 3977 मामलों को निपटारे के लिए रखा गया था, जिनमें 3860 न्यायालयों में लंबित मामले और 117 पूर्व मुकदमेबाजी से संबंधित मामले शामिल थे। लोक अदालत के दौरान आपसी सहमति के आधार पर कुल 3810 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया

बिलासपुर : अध्यक्ष, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण बिलासपुर एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योत्सना सुमंत डढवाल ने बताया कि शनिवार को जिला बिलासपुर के सभी न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को त्वरित, सस्ता और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया।

उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत में कुल 3977 मामलों को निपटारे के लिए रखा गया था, जिनमें 3860 न्यायालयों में लंबित मामले और 117 पूर्व मुकदमेबाजी से संबंधित मामले शामिल थे। लोक अदालत के दौरान आपसी सहमति के आधार पर कुल 3810 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया, जिनमें 3724 न्यायालयों में लंबित मामले ओर 86 पूर्व मुकदमेबाजी के मामले शामिल हैं।

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उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से कुल 4 करोड़ 69 लाख 49 हजार 671 रुपये की राशि से संबंधित मामलों का भी निपटारा किया गया। इस अवसर पर विभिन्न न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने लोक अदालत को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अध्यक्ष ज्योत्सना सुमंत डढवाल ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से विवादों का समाधान होने से समय और धन दोनों की बचत होती है और न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे भविष्य में भी लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

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Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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