VIDEO सिरमौर में जगह जगह मॉक ड्रिल : आपदा की स्थिति में तैयारी और तत्परता से कम होगी जानमाल की हानि

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नाहन : जिला कांगड़ा में 4 अप्रैल 1905 को आए भीषण भूकंप की 120वीं वर्षगांठ पर जिला सिरमौर में जगह-जगह आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. डीसी सिरमौर सुमित खिमटा ने बताया कि 1905 में कांगड़ा में आए भूकंप की याद में आपदा जागरूकता दिवस मनाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को आपदा के समय होने वाली जान-माल की हानि को कम करने के लिए जागरूक और भूकंप की स्थिति में तैयारी और तत्परता सुनिश्चित करना है.

उन्होंने बताया कि जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को भवन निर्माण की तकनीक और आपदा के दौरान किए जाने वाले कार्यों की जानकारी प्रदान की गई. इस अवसर पर गृह रक्षकों ने ड्रिल के माध्यम से उपस्थित स्टाफ और अन्य लोगों को आपदा से निपटने के लिए जानकारी दी. ड्रिल के दौरान सुबह 11 बजे जिला सिरमौर में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. इसके बाद तुरंत चेतावनी संयंत्र हूटर से चेतावनी जारी की गई.

सभी कर्मचारियों को तुरंत अपने कार्यालय में बने रहने के लिए कहा गया और उन्हें ड्रेस, कवर होल्ड की पालना करने के लिए निर्देश दिए गए. जब भूकंप के तेज झटके महसूस होना बंद हुए, तो सभी कर्मचारी सावधानी से अपने सिर को किसी वस्तु से बचाते हुए सुरक्षित स्थान से सुरक्षित स्थान पर बचाव करने निकले. इवैक्यूएशन प्लान के तहत चिन्हित सुरक्षित स्थल डीसी कार्यालय के प्रांगण एकत्रित हुए.

सभी शाखा प्रभारियों ने अपने कर्मचारियों की गिनती की और कमांडर को सूचित किया कि डीसी कार्यालय के तीन कर्मचारी लापता हैं. इंसिडेंट कमांडर ने तुरंत कार्रवाई की और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र सिरमौर को आदेश दिया कि वह तुरंत खोज और बचाव कार्य करने के लिए गृह विभाग, अग्निशमन विभाग, पुलिस विभाग आदेश जारी करे. इसके बाद निर्देशों की तुरंत अनुपालना करते हुए गृह विभाग, अग्निशमन विभाग, पुलिस विभाग की तुरंत प्रतिक्रिया टीम मौके पर पहुंच गई और तीनों लापता कर्मचारियों को ढूंढने के लिए खोज और बचाव कार्य आरंभ किया.

उन्होंने डीसी कार्यालय में खोजबीन शुरू की और सफलतापूर्वक उन्हें घायल अवस्था में ढूंढ निकाला, जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया. मॉक ड्रिल के दौरान एडीएम सिरमौर एलआर वर्मा, एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान, कमांडेंट होमगार्ड तोता राम शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी चेतन चौहान, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अनीता ठाकुर, अरविंद ठाकुर सहित डीसी कार्यालय, वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित रहे.

चौरास स्कूल में मॉक ड्रिल
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौरास में भी एक विशेष आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ. यह कार्यक्रम ऐतिहासिक त्रासदी की याद में जन-जागरूकता बढ़ाने और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति छात्रों, शिक्षकों व स्थानीय समुदाय को सजग करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया. इस अभ्यास में विद्यालय की जागरूकता टीम, चेतावनी टीम, सुरक्षित निकासी दल, खोज एवं बचाव दल, प्राथमिक चिकित्सा दल और अग्नि सुरक्षा दल ने भाग लिया. इस दौरान आपदा से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई.
विद्यालय की खोज एवं बचाओ दल और प्राथमिक चिकित्सा दल ने विद्यालय कक्षा कक्ष में फंसे घायलों को बचाने, प्राथमिक चिकित्सा देने और आपातकालीन संचार प्रणाली का प्रायोगिक प्रदर्शन किया.

मेडिकल कालेज नाहन में भी हुई मॉक ड्रिल
उधर, मेडिकल कालेज नाहन में भी वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. अजय पाठक की देखरेख में मॉक ड्रिल आयोजित की गई. डा. अजय पाठक ने कहा कि भूकंप के दौरान अस्पताल में मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है. भूकंप के दौरान क्या करना चाहिए, इससे पहले क्या तैयारी करनी चाहिए और भूकंप के बाद क्या करना चाहिए, इन सभी बातों पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि भूकंप के दौरान घबराने की बजाय शांत रहें और निर्देशों का पालन करें.

उन्होंने कहा कि भूकंप के दौरान यदि आप अंदर हैं तो किसी मजबूत टेबल या दीवार के पास बैठ जाएं और अपने सिर को अपने हाथों से ढक लें. बाहर हैं तो इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और जमीन पर लेट जाएं. लिफ्ट का उपयोग न करें. मरीजों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए अस्पताल के कर्मचारियों की मदद करें. इन तमाम पहलुओं पर मॉक ड्रिल भी की गई.