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सिरमौर में प्राकृतिक खेती के ‘अग्रदूत’ तैयार, आधारभूत और व्यावहारिक ज्ञान में किए दक्ष

समापन समारोह में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि अतीत में हमने पैदावार बढ़ाने के लिए रासायनिक पदार्थों का खूब इस्तेमाल किया, लेकिन आज हम इसके दुष्परिणामों को देख रहे हैं। आज मिट्टी, मानव और पर्यावरण का स्वास्थ्य खतरे में है।

धौलाकुआं : भारत सरकार के राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं (सिरमौर) में सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (सीआरपी) के लिए आयोजित 5 दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण शिविर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर संपन्न हो गया।

इस शिविर में महिला और पुरुष प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों और तकनीकों में दक्ष बनाया गया। ये सभी अब अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को जागरूक और प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण काम करेंगे।

समापन समारोह में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि अतीत में हमने पैदावार बढ़ाने के लिए रासायनिक पदार्थों का खूब इस्तेमाल किया, लेकिन आज हम इसके दुष्परिणामों को देख रहे हैं। आज मिट्टी, मानव और पर्यावरण का स्वास्थ्य खतरे में है।

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उन्होंने प्राकृतिक खेती में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ये सीआरपी इस मिशन की रीढ़ हैं और इनका ज्ञान किसानों तक पहुंचे, यही इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।

उन्होंने कम्युनिटी रिसॉर्स पर्सन (सीआरपी) जैसी पहल को प्राकृतिक खेती मिशन का एक प्रमुख घटक बताया, जिसके माध्यम से चयनित सीआरपी को कृषि सलाहकार और सामुदायिक स्तर पर प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन एवं अन्य किसानों के मार्गदर्शन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

आत्मा परियोजना के निदेशक डॉ. साहब सिंह ने सीआरपी की भूमिका को समझाते हुए कहा कि वे प्राकृतिक खेती मिशन की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण उनके काम में और अधिक उत्साह और कर्मठता लाएगा, जिससे वे किसानों को इस मिशन से जोड़कर मानव समाज के बेहतर स्वास्थ्य के लिए काम कर सकेंगे।

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इस प्रशिक्षण शिविर में केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं दिया गया, बल्कि प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव भी मिला। उन्होंने कांशीपुर के प्रगतिशील किसान रणजीत सिंह और भंगानी स्थित कृषि विभाग के प्राकृतिक खेती मॉडल फार्म का दौरा किया। यहां उन्होंने देखा कि कैसे प्राकृतिक तरीके से फसलें उगाई जाती हैं।

कार्यक्रम के अंतिम दिन यानी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सभी प्रतिभागियों ने वृक्षारोपण कर इस शिविर को और भी यादगार बना दिया। कृषि विज्ञान केंद्र के सभी अधिकारी और कर्मचारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। इस शिविर ने न केवल किसानों को शिक्षित किया, बल्कि प्राकृतिक खेती के लिए एक मजबूत सामुदायिक नेटवर्क भी तैयार किया।

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Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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