हिमाचल में आसमानी बिजली गिरने से 59 भेड़-बकरियां मरीं, किन्नौर के भेड़ पालकों को भारी नुकसान

बारिश से बचाव के लिए भेड़ पालक अपने पशुओं के लिए टेंट लगाने में जुटे थे। इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ आसमान से बिजली गिरी और उसकी चपेट में बड़ी संख्या में भेड़-बकरियां आ गईं। बिजली गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पशु चारों ओर बिखर गए।

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सोलन : हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन में रविवार तड़के सोलन-सपाटू सड़क पर देवठी के समीप आसमानी बिजली गिरने से 59 भेड़-बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से अन्य पशु भी झुलस गए। इस बीच मौके पर मौजूद तीन भेड़ पालक किसी तरह सुरक्षित बच निकले। सभी भेड़ पालक जिला किन्नौर के बताए जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक हादसा रविवार सुबह करीब पौने चार बजे हुआ। उस समय क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो चुकी थी। बारिश से बचाव के लिए भेड़ पालक अपने पशुओं के लिए टेंट लगाने में जुटे थे। इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ आसमान से बिजली गिरी और उसकी चपेट में बड़ी संख्या में भेड़-बकरियां आ गईं। बिजली गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पशु चारों ओर बिखर गए।

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इस घटना में किन्नौर जिले के भावा क्षेत्र के विशाल नेगी, विनय सिंह, कृष्ण भगत और विनोद कुमार चौरा की भेड़-बकरियों को नुकसान पहुंचा है। बताया गया है कि इन चारों भेड़ पालकों के पास कुल लगभग 650 भेड़-बकरियां थीं, जिनमें कई की मौत हो चुकी है, जबकि कई पशु घायल अवस्था में हैं। घायल पशुओं के इलाज की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।

घटना के समय मौके पर मौजूद भेड़ पालक बुद्धि सिंह, कुलदीप नेगी और विनोद नेगी ने बताया कि वे सभी आसमानी बिजली की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। उनका कहना है कि यदि कुछ पल की भी देरी होती तो जान को गंभीर खतरा हो सकता था। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार लगाई।

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भेड़ पालकों का कहना है कि पशुपालन ही उनकी रोजी-रोटी का मुख्य साधन है और इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत से उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रभावित भेड़ पालकों को जल्द मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस नुकसान से उबर सकें।