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क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र धौलाकुआं पहुंची नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड की टीम, ये था मकसद

धौलाकुआं केंद्र की सह निदेशक डॉ. प्रियंका ठाकुर और सहायक प्रोफेसर (फ्रूट साइंस) डॉ. शिल्पा ने टीम को शोध केंद्र की नर्सरी इकाइयों एवं प्रमुख फलों- जैसे आम, लीची, अमरूद, नींबू ,अंजीर, सपोटा, अनार, बेर, फालसा, करौंदा, लोकाट और जामुन के मदर ब्लॉकों का विस्तृत निरीक्षण करवाया।

धौलाकुआं : नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) की टीम ने नर्सरी निरीक्षण एवं मान्यता के उद्देश्य से डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के क्षेत्रीय औद्यानिकी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र धौलाकुआं का दौरा किया।

टीम का नेतृत्व कंसल्टेंट-कम-चेयरमैन डॉ. वाई.सी. गुप्ता ने किया। टीम में डॉ. एस.के. चौरसिया उप निदेशक, एनएचबी शिमला, डॉ. राज कुमार उप निदेशक (कृषि) सिरमौर, डॉ. शिवाली धीमान विषय विशेषज्ञ धौलाकुआं और एनएचबी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

धौलाकुआं केंद्र की सह निदेशक डॉ. प्रियंका ठाकुर और सहायक प्रोफेसर (फ्रूट साइंस) डॉ. शिल्पा ने टीम को शोध केंद्र की नर्सरी इकाइयों एवं प्रमुख फलों- जैसे आम, लीची, अमरूद, नींबू ,अंजीर, सपोटा, अनार, बेर, फालसा, करौंदा, लोकाट और जामुन के मदर ब्लॉकों का विस्तृत निरीक्षण करवाया।

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इस अनुसंधान केंद्र में वर्तमान में कुल 5.66 हेक्टेयर क्षेत्र नर्सरी उत्पादन एवं स्थापित मदर ब्लॉकों के अंतर्गत है। इसमें 10,000 वर्ग मीटर नर्सरी उत्पादन क्षेत्र, पॉलीहाउस, कार्य-शेड और एक विशेष लीची मदर ब्लॉक शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त लगभग 40,066 वर्ग मीटर क्षेत्र किन्नू, आम, अमरूद, साइट्रस, ड्रैगन फ्रूट, अंजीर, फालसा, करौंदा, आँवला, सपोटा और अनार आदि के मदर ब्लॉकों के अंतर्गत है।

पिछले एक दशक में धौलाकुआं केंद्र ने हिमाचल प्रदेश सहित पड़ोसी राज्यों के किसानों को लाखों प्रमाणित नर्सरी पौध उपलब्ध करवाए हैं। शोध केंद्र मिट्टी एवं पॉलीबैग—दोनों तकनीकों से उच्च गुणवत्ता वाले पौध उत्पादन में विशेषज्ञता रखता है।

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वर्ष 2025–26 के लिए विभिन्न फसलों के कुल 23,102 नर्सरी पौध तैयार किए जा रहे हैं, जो वर्षभर किसानों के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस केंद्र में समृद्ध प्रजातीय विविधता संरक्षित है, जिसमें 23 सिट्रस प्रजातियां, 15, 5 लीची, अमरूद, अंजीर, अनार, जामुन और सपोटा की कई प्रजातियां शामिल हैं।

Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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