डीसी मुकेश रेपसवाल ने आश्रय फाउंडेशन के फूड प्रोसेसिंग प्लांट का किया दौरा, विभिन्न गतिविधियों की ली जानकारी

उन्होंने प्लांट में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं के साथ संवाद किया और आश्रय फाउंडेशन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने व महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने को लेकर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

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चंबा : डीसी चंबा मुकेश रेपसवाल ने गुरुवार को ग्राम पंचायत हरिपुर के गांव सिद्धपुर में आश्रय फाउंडेशन के फूड प्रोसेसिंग डिहाइड्रेशन प्लांट का दौरा किया और महिलाओं द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने प्लांट में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं के साथ संवाद किया और आश्रय फाउंडेशन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने व महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने को लेकर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल सामाजिक परिवर्तन का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की सबसे मजबूत आधारशिला है। डीसी ने आश्रय फाउंडेशन द्वारा जिले में किए जा रहे कार्यों को अत्यंत सराहनीय बताते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर ऐसे संगठनों की भागीदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ अभियान पर विशेष चर्चा की।

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उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से कहा कि आगामी एक वर्ष में अपना लक्ष्य निर्धारित कर समूह की सभी 19 महिलाएं एवं एक पुरुष इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि केवल उत्पाद तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग को भी विश्वस्तरीय बनाना आवश्यक है, जिससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर मूल्य मिल सके।

उन्होंने फाउंडेशन को हिमईरा के साथ जुड़ने को कहा और उदाहरण देते हुए कहा कि उत्पाद की प्रस्तुति उसकी पहचान बनाती है और यही पहचान बाजार में उसकी सफलता तय करती है।

डीसी ने आश्रय फाउंडेशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बाजार नेटवर्क से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे चंबा के स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि होगी। इस दौरान उन्होंने आश्रय फाउंडेशन के फूड प्रोसेसिंग प्लांट में स्थापित मशीनों के माध्यम से तैयार किए जा रहे उत्पादों की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली।

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