सिरमौर में ‘सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा’ अभियान का आगाज, नाहन में निकाली जागरूकता बाइक रैली

हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा 1 से 31 जनवरी तक चलाए जा रहे इस अभियान के तहत नाहन में बाइक जागरूकता रैली को डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोना चंदेल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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नाहन : 38वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह- 2026 के तहत जिला सिरमौर में ‘सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा’ अभियान का शनिवार को आगाज हुआ। हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा 1 से 31 जनवरी तक चलाए जा रहे इस अभियान के तहत नाहन में बाइक जागरूकता रैली को डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोना चंदेल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान रैली के माध्यम से शहर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा का संदेश दिया गया।

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मीडिया से बातचीत में डीसी प्रियंका वर्मा ने कहा कि हाल के वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिसका मुख्य कारण यातायात नियमों की अनदेखी है। जिला सिरमौर में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना बीते साल भी जानलेवा साबित हुआ। वर्ष 2025 में ऐसी लापरवाहियों के चलते 101 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 63 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि ये आंकड़े इस गंभीर स्थिति की ओर इशारा करते हैं। डीसी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन न दें और 18 वर्ष की आयु पूरी होने और ड्राइविंग लाइसेंस बनने के बाद ही उन्हें वाहन चलाने की अनुमति दें।

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पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने कहा कि सड़क हादसों को कम करने के लिए सिरमौर पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। उनका कहा कि नियमों का पालन और थोड़ी सी सावधानी कई जिंदगियां बचा सकती है। सिरमौर पुलिस समय समय पर लोगों को जागरूक करती है। चालान से बचने के लिए नहीं बल्कि वाहन चालक अपना और सवारियों का अनमोल जीवन बचाने के लिए यातायात नियमों का पालन करें।

वहीं, आरटीओ सिरमौर सोना चंदेल ने कहा कि पूरे महीने जिलाभर में सड़क सुरक्षा को लेकर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसका शेड्यूल तैयार कर लिया गया है। उन्होंने वाहन चालकों और पैदल यात्रियों से सड़क पर सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन, हेडफोन या अन्य गैजेट्स का प्रयोग ध्यान भटकाता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ा देता है। उन्होंने रात के समय या कम रोशनी में रिफ्लेक्टिव कपड़े पहनने और आवश्यकता पड़ने पर टॉर्च के उपयोग की सलाह दी।

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आरटीओ ने यह भी कहा कि बच्चों के साथ सड़क पार करते समय उनका हाथ पकड़कर चलें और उन्हें सुरक्षित पैदल चलने की आदतें सिखाएं।

इस अवसर पर सड़क सुरक्षा क्लब नाहन के अध्यक्ष नरेंद्र तोमर सहित क्लब के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे और अभियान को सफल बनाने में सहयोग दिया।