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सेहत की पाठशाला बना कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं, बहराल स्कूल के बच्चों ने जानें प्राकृतिक खेती के फायदे

पादप रोग विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. शिवाली धीमान ने विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती की अवधारणा को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने बताया कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों से मुक्त खेती न केवल मिट्टी और पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि इससे उगाई गई सब्जियां मानव स्वास्थ्य के लिए भी ज्यादा सुरक्षित और पौष्टिक होती हैं।

नाहन : समग्र शिक्षा अभियान के तहत राजकीय उच्च विद्यालय बहराल के छठी से आठवीं कक्षा के 59 विद्यार्थियों ने बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य बच्चों को खेती, पोषण और स्वास्थ्य के आपसी संबंध से परिचित कराना रहा। विद्यार्थियों ने फसल प्रदर्शन इकाई में प्राकृतिक तरीके से उगाई जा रही विभिन्न सब्जियों को नजदीक से देखा और यह समझा कि भोजन सीधे तौर पर बेहतर स्वास्थ्य से कैसे जुड़ा है।

भ्रमण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र की पादप रोग विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. शिवाली धीमान ने विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती की अवधारणा को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने बताया कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों से मुक्त खेती न केवल मिट्टी और पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि इससे उगाई गई सब्जियां मानव स्वास्थ्य के लिए भी ज्यादा सुरक्षित और पौष्टिक होती हैं।

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बच्चों को वेलेटीना किस्म की बैंगनी रंग की फूलगोभी, लाल पत्ता गोभी सहित अन्य किस्मों की गोभी में मौजूद विटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं। इसी तरह उन्होंने बायोफोर्टिफाइड गेहूं, आलू, मटर आदि फसलों की खेती के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

विद्यार्थियों ने जाना कि कृषि विज्ञान केंद्र में सब्जियों को पूरी तरह ऑर्गेनिक और प्राकृतिक तरीकों से उगाया जा रहा है। विशेषज्ञों ने समझाया कि इस तरह की खेती से न केवल लोगों को पौष्टिक आहार मिलता है, बल्कि लंबे समय में यह जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों के खतरे को भी कम करने में मददगार साबित होती है। बच्चों ने यह भी सीखा कि बदलते मौसम के अनुसार फसलों का चयन और उत्पादन कैसे किया जाता है, ताकि पोषण और पैदावार दोनों संतुलित रहे।

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इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी डॉ. पंकज मित्तल भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि इस फसल प्रदर्शन इकाई में विभिन्न किस्मों की फसलों को प्राकृतिक तरीके से उगाया जाता है, ताकि किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार का प्राकृतिक खेती पर विशेष फोकस है और ऐसे मॉडल किसानों के लिए मार्गदर्शक बन रहे हैं।

शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के साथ शिक्षक रेणु गोस्वामी, मनवीर कौर, नरिंद्र कौर, सुदेश कुमार और सुरेंद्र कौर भी मौजूद रहे। शिक्षिका रेणु गोस्वामी ने बताया कि भ्रमण के दौरान बच्चों को यह संदेश मिला कि स्वस्थ शरीर की नींव खेत से शुरू होती है और प्राकृतिक खेती ही आने वाले समय में सेहत और किसानों की आय दोनों के लिए कारगर रास्ता है।

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Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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