‘जवान कपिल अमर रहे’ के नारों से गूंजा शिलाई, सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन, छोटे भाइयों ने दी मुखाग्नि

छोटे भाइयों नितिन और रोहित ने अपने बड़े भाई कपिल के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इस दौरान भारतीय सेना की ओर से फर्स्ट पैरा नाहन की यूनिट ने सैन्य परंपराओं के अनुसार जवान को सम्मानपूर्वक विदाई दी। सिपाही कपिल का जन्म 2 जून 1998 को पिता पंचराम और माता जयंती देवी के घर गांव पटना, डाकघर बिंडला-दिगवा, तहसील शिलाई में हुआ था।

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शिलाई : जिला सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के भारतीय सेना के जवान कपिल का शनिवार को उनके पैतृक गांव पटना में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उत्तराखंड के सेलाकुई, देहरादून में गत 8 जनवरी को हुई दुर्घटना में घायल हुए कपिल ने गत बुधवार देर रात देहरादून के सैनिक अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। शनिवार सुबह उनकी पार्थिव देह गांव पटना, डाकघर बिंडला-दिगवा, तहसील शिलाई पहुंची। उनकी अंतिम यात्रा में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

छोटे भाइयों नितिन और रोहित ने अपने बड़े भाई कपिल के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इस दौरान भारतीय सेना की ओर से फर्स्ट पैरा नाहन की यूनिट ने सैन्य परंपराओं के अनुसार जवान को सम्मानपूर्वक विदाई दी। सिपाही कपिल का जन्म 2 जून 1998 को पिता पंचराम और माता जयंती देवी के घर गांव पटना, डाकघर बिंडला-दिगवा, तहसील शिलाई में हुआ था। वह अपने माता-पिता के तीन बेटों और तीन बेटियों में सबसे बड़े थे। कपिल पिछले सात वर्षों से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे थे।

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कपिल 18 सितंबर 2018 को ग्रेनेडियर रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। वह 16वीं बटालियन के अंतर्गत कार्यरत रहे और वर्तमान में 55वीं राष्ट्रीय राइफल्स के अधीन जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। इन दिनों वह छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे। उनकी शहादत से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब शिलाई क्षेत्र ने जवान की पार्थिव देह का नम आंखों से पूरे सम्मान के साथ पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान ‘जवान कपिल अमर रहे’ के उद्घोष भी लगाए गए। इस दौरान संगठन के पूर्व अध्यक्ष व सलाहकार वीरेंद्र चौहान, उपाध्यक्ष रामभज धीमान, मीडिया प्रभारी जगदीश सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, सैनिक और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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