सामाजिक सुरक्षा पेंशन धारक 15 फरवरी तक करवाएं ई-केवाईसी, वरना स्थाई तौर पर बंद हो जाएगी पेंशन

जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी सत्यापन अनिवार्य किया गया है। ई-केवाईसी करवाने की अंतिम तिथि 15 फरवरी, 2026 निर्धारित की गई है।

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बिलासपुर : जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी सत्यापन अनिवार्य किया गया है। ई-केवाईसी करवाने की अंतिम तिथि 15 फरवरी, 2026 निर्धारित की गई है। निर्धारित तिथि तक ई-केवाईसी न करवाने वाले पेंशनधारकों की पेंशन स्थाई रूप से बंद कर दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान सुचारू, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से सीधे बैंक अथवा डाकघर के बचत खातों में सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन ई-केवाईसी सत्यापन प्रक्रिया शुरू की गई है। यह अभियान जिला एवं तहसील कल्याण अधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से जुलाई, 2025 से संचालित किया जा रहा है।

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जिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि ई-केवाईसी पूर्ण करने की पूर्व निर्धारित तिथि 31 जनवरी, 2026 थी, लेकिन जिन लाभार्थियों द्वारा निर्धारित समयावधि में सत्यापन नहीं करवाया गया है, उनकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी गई है। उन्होंने सभी पेंशनधारकों से अपील की कि जो लाभार्थी अभी तक अपना ई-केवाईसी सत्यापन नहीं करवा पाए हैं, वे 15 फरवरी, 2026 से पूर्व अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र अथवा संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों सहित ई-केवाईसी अवश्य करवाएं। अंतिम तिथि के पश्चात ई-केवाईसी न कराने की स्थिति में लाभार्थी को अपात्र अथवा अनुपलब्ध मानते हुए उसकी पेंशन स्थाई रूप से बंद कर दी जाएगी।

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जिला कल्याण अधिकारी ने यह भी बताया कि जिन पेंशनभोगियों का आधार कार्ड नहीं बना है अथवा आधार विवरण में अद्यतन की आवश्यकता है, वे संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करवा सकते हैं। अधिक जानकारी अथवा किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान हेतु लाभार्थी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक अथवा संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।

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