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CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- भाजपा बताए, प्रदेश को आरडीजी मिलने के पक्ष में हैं या नहीं

उन्होंने कहा ‘‘कुछ भी हो, मैं चुनौतियों का मुकाबला करने और जीतने की क्षमता रखता हूं।’’ आपदा प्रभावितों की मदद के लिए राज्य सरकार ने कानून बदल दिया और पूरी तरह से घर क्षतिग्रस्त होने पर मिलने वाली डेढ़ लाख रुपए की आर्थिक सहायता को आठ लाख रुपए कर दिया।

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सराहां (सिरमौर) : सिरमौर जिला के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के सराहां में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दूध पर समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है और अदरक पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जाएगा। एक वर्ष के भीतर सराहां अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती की जाएगी। साथ ही अल्ट्रासाउंड मशीन भी स्थापित होगी। उन्होंने सराहां में सीबीएसई स्कूल खोलने और सराहां-चंडीगढ़ सड़क मार्ग को डबललेन करने की भी घोषणा की। उन्होंने कांग्रेस नेता दयाल प्यारी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।

प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लोगों के हितों की रक्षा के लिए धारा 118 का प्रावधान किया और वर्तमान राज्य सरकार भी उन्हीं के पद चिन्हों पर चल रही है। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार के समय से प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान मिलता रहा, लेकिन 16वें वित्तायोग ने 77 साल पुरानी व्यवस्था को खत्म कर दिया। राजस्व घाटा अनुदान सरकार का नहीं, प्रदेश के लोगों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के लोगों के हितों की लड़ाई लड़ रही है। भाजपा नेताओं की मांग पर सर्वदलीय बैठक का स्थान बदला गया, लेकिन हिमाचल के हितों के लिए भाजपा खड़ी नहीं हुई, जबकि अन्य सभी दलों ने राजस्व घाटा अनुदान पर राज्य सरकार को समर्थन दिया।

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उन्होंने कहा ‘‘कुछ भी हो, मैं चुनौतियों का मुकाबला करने और जीतने की क्षमता रखता हूं।’’ आपदा प्रभावितों की मदद के लिए राज्य सरकार ने कानून बदल दिया और पूरी तरह से घर क्षतिग्रस्त होने पर मिलने वाली डेढ़ लाख रुपए की आर्थिक सहायता को आठ लाख रुपए कर दिया। हिमाचल के युवा सेना में जाकर देश सेवा करते हैं, लेकिन अग्निवीर योजना लागू कर हिमाचल के युवाओं के साथ धोखा किया गया है। यही नहीं केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम ही नहीं बदला, बल्कि इस योजना की आत्मा को ही मार दिया, जो कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सोच का परिणाम थी।

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और गत तीन वर्ष संघर्षपूर्ण रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजनीतिक आपदा, आर्थिक आपदा और प्राकृतिक आपदा का सामना किया है। राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायकों ने ऑपरेशन लोटस के जरिए सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया, लेकिन जनता ने 2027 तक सरकार चलाने का फिर से आशीर्वाद कांग्रेस पार्टी को दिया। आज आर्थिक रूप से हिमाचल प्रदेश का गला घोंटने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 1952 से मिल रहे राजस्व घाटा अनुदान को केंद्र सरकार ने खत्म कर दिया है। मुख्यमंत्री ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, लेकिन भाजपा ने उस बैठक से भी वॉकआउट किया। विधानसभा से वॉकआउट तो सुना था, लेकिन सर्वदलीय बैठक से पहली बार वॉकआउट हुआ है। उन्होंने कहा कि बैठक में साफ तौर पर दिखा कि भाजपा किस प्रकार से गुटों में बंटी हुई है।

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सर्वदलीय बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल पहले अकेले वॉकआउट कर गए, जबकि पांच विधायक बैठक में बैठे रहे। काफी देर तक दुविधा में रहने के बाद नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के अन्य विधायक बाहर निकले। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश हित की बात हो तो राजनीति दलों को विचारधारा से ऊपर उठ कर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हिमाचल प्रदेश की जनता और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता चट्टान की तरह खड़े हैं।

जनसभा में पच्छाद की विधायक रीना कश्यप ने भी अपने विचार रखे और क्षेत्र की समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के हकों की लड़ाई लड़ रहे हैं। राजस्व घाटा अनुदान खत्म होने से प्रदेश को 50 हजार करोड़ का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री सुक्खू राजनीतिक आपदा से बाहर निकले हैं, उससे उन्हें और ज्यादा ख्याति मिली है। कांग्रेस नेता दयाल प्यारी ने पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के लिए किए गए उद्घाटन एवं शिलान्यासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी चुनौतियों के बावजूद लगातार लोगों की मदद करने में जुटी हुई है, जबकि विपक्ष लगातार राजनीति कर मुख्यमंत्री को निशाना बना रहा है।

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इस मौके पर विधायक अजय सोलंकी, विनोद सुल्तानपुरी, जिला सिरमौर कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार, पूर्व विधायक कंवर अजय बहादुर सिंह, सोलन जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष वरमाणी, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष नासिर खान, एपीएमसी सिरमौर के अध्यक्ष सीताराम शर्मा, जोगिंद्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, कांग्रेस नेता सुरेंद्र सेठी, डीसी प्रियंका वर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।