सोलन/शिमला : जिला सोलन की ग्राम पंचायत जौणाजी में 27 फरवरी 2026 को आयोजित ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान स्मार्ट मीटर और बिजली बिल को लेकर उठे विवाद पर हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड ने अपना स्पष्टीकरण जारी किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम में दिलीप सिंह द्वारा प्रस्तुत किए गए दोनों आरोप तथ्यहीन और वास्तविकता से परे हैं। उन्होंने कई अहम तथ्यों को छिपाकर भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की।
बोर्ड के प्रवक्ता ने शिमला से जारी प्रेस बयान में बताया कि दिलीप सिंह द्वारा 12 हजार रुपये के असामान्य बिजली बिल का जो हवाला दिया गया था, वह वास्तव में घरेलू उपभोक्ता संख्या 100001070839 का बिल है। यह बिल दिसंबर 2024 से जनवरी 2026 तक लगभग 14 महीने की अवधि का बकाया है, जो जमा न होने के कारण बढ़कर 13,906 रुपये हो गया है। प्रवक्ता के अनुसार यह उपभोक्ता पहले से ही बिल न भरने वालों की श्रेणी में बड़ा डिफाल्टर रहा है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इस उपभोक्ता का बिजली बिल करीब 12 महीने तक लंबित रहा था, जिसे करीब एक वर्ष बाद 23 दिसंबर 2024 को जमा किया गया था। उस समय यह बिल 12,825 रुपये था और नवंबर 2023 से नवंबर 2024 तक की अवधि का था। बाद में इसी घरेलू कनेक्शन पर मई 2025 में स्मार्ट मीटर लगाया गया, लेकिन उसके बाद भी उपभोक्ता ने बिल का भुगतान नहीं किया, जिसके कारण बकाया राशि बढ़ती गई।
विद्युत बोर्ड के अनुसार बिल जमा न करने के कारण 3 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी किया गया और इसके आधार पर 22 जनवरी 2026 को उपभोक्ता की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से काट दी गई। बोर्ड ने कहा कि दिलीप सिंह ने सार्वजनिक मंच पर कई तथ्यों को छिपाकर सरकार और विद्युत बोर्ड के खिलाफ भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि दिलीप सिंह के नाम पर अन्य दो घरेलू और एक व्यावसायिक मीटर भी बोर्ड द्वारा लगाए गए हैं और इन सभी कनेक्शनों के बिजली बिल भी लंबे समय से बकाया हैं। इनमें घरेलू मीटर संख्या 100001082706 का बिल जून 2023 से बकाया है, जबकि दूसरे घरेलू कनेक्शन मीटर संख्या 100001100409 का बिल दिसंबर 2024 के बाद से लंबित है। इसके अलावा व्यावसायिक मीटर संख्या 100002174730 का बिल भी अभी तक जमा नहीं किया गया है।
बोर्ड ने बिजली के खंभे को लेकर लगाए गए आरोपों को भी गलत बताया है। प्रवक्ता के अनुसार जांच में पाया गया कि विद्युत बोर्ड द्वारा लगाया गया यह खंभा सड़क के किनारे करीब 20 वर्ष से अधिक समय से मौजूद है, जबकि ऐसा प्रतीत होता है कि दिलीप सिंह ने अपना मकान लोक निर्माण विभाग की सड़क और विद्युत खंभे की ओर बढ़ाकर निर्मित किया है।
विद्युत बोर्ड ने लोगों से अपील की है कि ऐसे तथ्यहीन बयानों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी की पहले तथ्यात्मक जांच करें। प्रवक्ता ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर पहले भी सोशल मीडिया पर कई भ्रामक सूचनाएं वायरल हुई हैं, जिन्हें जांच के बाद गलत पाया गया और बोर्ड की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण भी जारी किया गया।



