नाहन : जिला सिरमौर के जमटा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब स्कूल परिसर में बने रेन हार्वेस्टिंग टैंक के अंदर एक जहरीला सांप दिखाई दिया। टैंक में करीब 6 से 7 फीट लंबा कोबरा घुसने से स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों में दहशत का माहौल बन गया। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। इसके बाद वन विभाग की टीम स्कूल पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर कड़ी मशक्कत के बाद कोबरा को जंंगल में सुरक्षित छोड़ दिया।
वन विभाग जमटा के रेंज ऑफिसर प्रेम सिंह कंवर ने बताया कि जैसे ही स्कूल प्रबंधन से सूचना प्राप्त हुई, तुरंत फील्ड स्टाफ को मौके पर भेजा गया। रेस्क्यू ऑपरेशन की जिम्मेदारी फॉरेस्ट गार्ड संदीप कुमार चौधरी को दी गई, जिन्होंने फॉरेस्ट गार्ड सुखचैन और फॉरेस्ट गार्ड सचिन कुमार चौधरी के साथ मौके पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया। इस दौरान मदन सिंह (पियन) भी टीम के साथ मौजूद रहे।
टीम ने सावधानीपूर्वक ऑपरेशन चलाते हुए सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। फॉरेस्ट गार्ड संदीप कुमार चौधरी ने पुष्टि की कि पकड़ा गया सांप स्पेक्टेकल्ड कोबरा (Spectacled Cobra) प्रजाति का था। रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम ने कोबरा को स्कूल परिसर से दूर सरकारी जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में हाल ही के वर्षों में कई बार किंग कोबरा की भी साइटिंग की घटनाएं सामने आई हैं। ये दुर्लभ प्रजाति के सांप लगभग 10 से 15 फीट तक लंबे होते हैं। किंग कोबरा जिले के कोटड़ी व्यास, फांदी गांव और गिरिनगर के आसपास के क्षेत्रों में नजर आ चुके हैं, जिन्हें वन्य जीव टीमों द्वारा सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर जंगलों में छोड़ा गया है। अब जमटा स्कूल परिसर से मिले इस कोबरा को भी वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया है।



