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दक्षिण जोन जीएसटी विंग परवाणू ने स्टोन क्रेशर व खनन करदाताओं से वसूले 2.82 करोड़

दक्षिण जोन जीएसटी विंग परवाणू ने स्टोन क्रेशर और खनन से जुड़े करदाताओं के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए 2,82,45,646 रुपये की जीएसटी वसूली की है। यह वसूली 7,45,22,161 रुपये की निर्धारित मांग के विरुद्ध की गई है।

शिमला : दक्षिण जोन जीएसटी विंग परवाणू ने स्टोन क्रेशर और खनन से जुड़े करदाताओं के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए 2,82,45,646 रुपये की जीएसटी वसूली की है। यह वसूली 7,45,22,161 रुपये की निर्धारित मांग के विरुद्ध की गई है। यह जानकारी संयुक्त आयुक्त जीएसटी विंग दक्षिण जोन जीडी ठाकुर द्वारा खनन और खनिजों पर जीएसटी से संबंधित समीक्षा के दौरान दी गई। इस कार्रवाई में दक्षिण जोन के सोलन, शिमला, किन्नौर और सिरमौर जिलों के कुल 180 करदाताओं के आरसीएम टर्नओवर 137,41,32,298 रुपये से जुड़े मामलों की जांच की गई, जिनमें 142 स्टोन क्रेशर और खनन करदाता शामिल रहे।

समीक्षा में बताया गया कि सोलन जिले के बीबीएन क्षेत्र के 38 स्टोन क्रेशर से जुड़े मामलों में 137,40,99,598 रुपये के आरसीएम टर्नओवर और 6,11,94,114 रुपये के कर तत्व का मामला सामने आया है। इन स्टोन क्रेशरों द्वारा खनन सामग्री की रॉयल्टी पर 18 प्रतिशत जीएसटी से बचने के मामलों की सूची केंद्रीय जोन ऊना के संयुक्त आयुक्त को आगे की वसूली कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

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खनिजों पर रिवर्स चार्ज मेकैनिज्म (आरसीएम) के तहत 2020-21 से 2024-25 के आकलन वर्षों के मामलों को भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वैध करार दिया जा चुका है। फैसले के बाद अब स्टोन क्रेशर और खनन करदाता उद्योग विभाग को दी गई रॉयल्टी पर 18 प्रतिशत जीएसटी जमा कराने को लेकर आपत्ति नहीं जता रहे हैं। दक्षिण जोन परवाणू की प्रवर्तन शाखा द्वारा ही यह पूरी वसूली की गई है और बाकी स्टोन क्रेशरों से वसूली तेज करने के लिए जोन के 21 सर्किल प्रभारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में यह भी सामने आया कि खनिज रॉयल्टी का भुगतान करने वाली कंपनी एंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड दाडलाघाट द्वारा दिए गए आंकड़ों और जिला खनन अधिकारी सोलन से प्राप्त आंकड़ों में अंतर पाया गया है। वर्ष 2021-22 से 2025-26 (फरवरी 2026 तक) के लिए कंपनी द्वारा दी गई जानकारी और खनन विभाग के आंकड़ों में लगभग 85 करोड़ रुपये का अंतर बताया गया है। कंपनी को एक सप्ताह के भीतर इस अंतर का स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।

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जीएसटी विंग दक्षिण जोन परवाणू कंपनी के आरसीएम, एजीटी और सीजीसीआर दायित्व से संबंधित विस्तृत आंकड़ों की जांच और मिलान कर रहा है। जांच के बाद एचपीएसजीएसटी अधिनियम, एचपी सीजीसीआर और एचपी एजीटी अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही निर्णय लिया गया है कि दक्षिण जोन में 2020-21 से 2025-26 तक के आकलन वर्षों के लिए 137,41,32,298 रुपये के आरसीएम टर्नओवर पर देय 18 प्रतिशत जीएसटी की पूरी वसूली चालू वित्त वर्ष के समापन तक सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए प्रवर्तन और सर्किल अधिकारियों को सख्त और समयबद्ध निर्देश जारी किए गए हैं।

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Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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