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हिमाचल में पंचायत आरक्षण रोस्टर पर विधानसभा में मचा सियासी बवाल, सदन के बाहर प्रदर्शन

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को हिमाचल पंचायत चुनाव के आरक्षण रोस्टर नियमों में बदलाव को लेकर भारी राजनीतिक गतिरोध देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने राज्य सरकार द्वारा उपायुक्तों (DCs) को दिए गए विशेषाधिकारों के खिलाफ सदन के भीतर और बाहर उग्र प्रदर्शन किया।

शिमला : हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को हिमाचल पंचायत चुनाव के आरक्षण रोस्टर नियमों में बदलाव को लेकर भारी राजनीतिक गतिरोध देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने राज्य सरकार द्वारा उपायुक्तों (DCs) को दिए गए विशेषाधिकारों के खिलाफ सदन के भीतर और बाहर उग्र प्रदर्शन किया। इस कारण सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

दरअसल, विवाद की मुख्य जड़ पंचायत चुनाव नियमों में किया गया हालिया संशोधन है। नए नियमों के अनुसार, प्रदेश की 95 प्रतिशत पंचायतों में आरक्षण के पुराने मानक ही लागू रहेंगे, लेकिन शेष 5 प्रतिशत पंचायतों के लिए आरक्षण तय करने का अधिकार अब सीधे उपायुक्तों को दे दिया गया है। सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, उपायुक्त ‘भौगोलिक या विशेष परिस्थितियों’ का हवाला देकर इन पंचायतों के आरक्षण रोस्टर में बदलाव कर सकेंगे।

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विपक्ष ने इस संशोधन को चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर हमला करार दिया है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने नियम-67 के तहत प्रश्नकाल रोककर इस विषय पर चर्चा की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस मांग को ठुकराए जाने के बाद विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन में गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बताया। ठाकुर ने कहा, “पंचायत चुनावों में रोस्टर तय करने की शक्ति उपायुक्तों को देना पूरी तरह गलत है और इसके दूरगामी परिणाम होंगे। यह आदेश केवल उन लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए जारी किया गया है जो राज्य सरकार के करीबी हैं।”

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विपक्ष का आरोप है कि इस विवेकाधीन शक्ति का उपयोग सत्ताधारी दल के अनुकूल चुनावी समीकरण बनाने के लिए किया जा सकता है। वहीं, सरकार की ओर से तर्क दिया गया है कि कुछ विशिष्ट प्रशासनिक चुनौतियों और भौगोलिक विषमताओं को ध्यान में रखते हुए यह लचीलापन अनिवार्य है। फिलहाल, सदन में बढ़े तनाव और हंगामे के चलते इस मुद्दे पर कोई ठोस चर्चा नहीं हो सकी और सदन को स्थगित कर दिया गया।

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Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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