HomeHimachalSirmaurराजगढ़ में HRTC का सब डिपो बना ‘नाम का डिपो’! बसें घटीं,...

राजगढ़ में HRTC का सब डिपो बना ‘नाम का डिपो’! बसें घटीं, रूट सिमटे, लोग बोले- बोर्ड हटाओ या सुविधाएं बढ़ाओ

लोगों का कहना है कि जब से राजगढ़ को एचआरटीसी सब डिपो का दर्जा मिला है, तब से सुविधाएं बढ़ने के बजाय लगातार घटती जा रही हैं।

राजगढ़ : जिला सिरमौर के राजगढ़ में HRTC सब डिपो की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि जब से राजगढ़ को एचआरटीसी सब डिपो का दर्जा मिला है, तब से सुविधाएं बढ़ने के बजाय लगातार घटती जा रही हैं। ऐसे में यदि सरकार यहां बसों के बेड़े में बढ़ोतरी और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा सकती, तो सब डिपो का बोर्ड ही हटा देना चाहिए।

स्थानीय लोगों रामकुमार शर्मा, देशराज ठाकुर, रविंद्र सिंह चौहान और लेखराम शर्मा समेत कई लोगों ने कहा कि सब डिपो बनने से पहले राजगढ़ में 13 बसें और 30 से अधिक रूट संचालित होते थे, लेकिन अब बसों की संख्या घटकर केवल 10 रह गई है और रूट भी घटकर करीब 20 ही बचे हैं। लोगों का आरोप है कि सब डिपो बनने के बाद सुविधा विस्तार की उम्मीद थी, लेकिन हालात इसके उलट हो गए हैं।

ये भी पढ़ें:  लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे राजगढ़ के वार्ड नंबर-7 के बाशिंदे, अधिकारी दे रहे सिर्फ आश्वासन

गौरतलब है कि वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राजगढ़ दौरे के दौरान यहां एचआरटीसी सब डिपो खोलने की घोषणा की थी। इसके बाद 27 फरवरी 2019 को तत्कालीन पच्छाद विधायक और वर्तमान सांसद सुरेश कश्यप ने सब डिपो का उद्घाटन किया था, लेकिन उद्घाटन के करीब आठ साल बाद भी यह सब डिपो सुविधाओं के लिहाज से आगे नहीं बढ़ पाया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार स्टाफ के नाम पर यहां केवल एक अड्डा इंचार्ज तैनात है। बसों की छोटी-मोटी मरम्मत के लिए भी कोई मैकेनिक उपलब्ध नहीं है। बस अड्डा प्रभारी के मुताबिक अब बसों की मरम्मत निजी वर्कशॉप में करवाई जाती है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र की विधायक रीना कश्यप ने भी कई बार इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।

ये भी पढ़ें:  जीत कोच सर्विस के मालिक का बड़ा दिल, हरिपुरधार हादसे के पीड़ितों का अब जीवनभर नहीं लगेगा बस किराया

सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस सब डिपो से कोई भी लंबी दूरी की बस सेवा संचालित नहीं हो रही। क्षेत्रवासी लंबे समय से हरिद्वार, दिल्ली के आजादपुर मंडी, पीजीआई चंडीगढ़ और आईजीएमसी शिमला के लिए सीधी बस सेवा की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे लोगों में सरकार और निगम के प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि जहां एक ओर क्षेत्र में निजी बसों की संख्या बढ़ रही है, वहीं एचआरटीसी की बसें लगातार कम होती जा रही हैं। उन्होंने पूर्व सरकार की अन्य घोषणाओं जैसे मिनी सचिवालय, नगर पंचायत पार्किंग और 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण का भी जिक्र किया और कहा कि इनमें से कोई भी वादा अब तक पूरा नहीं हुआ।

ये भी पढ़ें:  नाहन : मात्तर के इस स्कूल को मिला अपना भवन, विधायक सोलंकी ने पीएचसी का भी किया लोकार्पण

उधर, एचआरटीसी सोलन के क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेंद्र राजपूत का कहना है कि राजगढ़ के अधिकतर रूट घाटे में चल रहे हैं और निगम की बसों में अधिकतर स्कूली बच्चे ही सफर करते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि लोगों की मांग है तो लंबी दूरी की बसों पर विचार किया जा सकता है।

Latest Articles

Explore More