HomeHimachalSirmaur19 हजार फीट की ऊंचाई पर नाहन के राघव ने दोस्तों संग...

19 हजार फीट की ऊंचाई पर नाहन के राघव ने दोस्तों संग फहराया जज्बे का परचम, ऑक्सीजन की कमी के बीच भी नहीं रुके कदम

लगभग 19,024 फीट (5,798 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित यह दर्रा भारत के लद्दाख क्षेत्र में भारत-चीन सीमा के नजदीक चिसुमले और डेमचोक को जोड़ता है। अत्याधिक ऊंचाई, बर्फीली हवाएं, कठिन रास्ते और बेहद कम ऑक्सीजन स्तर के कारण यह सफर दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण एडवेंचर रूट्स में गिना जाता है।

नाहन : दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सड़क Umling La Pass तक पहुंचकर नाहन के राघव तोमर ने अपने साथियों के साथ एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसे हर कोई पूरा करने का साहस नहीं जुटा पाता।

लगभग 19,024 फीट (5,798 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित यह दर्रा भारत के लद्दाख क्षेत्र में भारत-चीन सीमा के नजदीक चिसुमले और डेमचोक को जोड़ता है। अत्याधिक ऊंचाई, बर्फीली हवाएं, कठिन रास्ते और बेहद कम ऑक्सीजन स्तर के कारण यह सफर दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण एडवेंचर रूट्स में गिना जाता है।

यही वजह है कि Umling La Pass का नाम Guinness Book of World Records में भी दर्ज है। लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में स्थित यह दर्रा दुनिया की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क (World’s Highest Motorable Road) का आधिकारिक रिकॉर्ड रखता है। सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा बनाई गई इस सड़क को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता प्राप्त है।

ये भी पढ़ें:  सरकारी स्कूलों में CBSE बोर्ड के प्रति भारी उत्साह, मंडी में 12 हजार से अधिक बच्चों ने लिया प्रवेश

इसी चुनौतीपूर्ण सफर को नाहन के राघव तोमर पुत्र विशाल तोमर ने अपने तीन दोस्तों श्रीयम केसरवानी (गोरखपुर), कुशाग्र मिश्रा (नैनीताल) और कुणाल गर्ग (गाजियाबाद) के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया। इस उपलब्धि पर सभी को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।

राघव तोमर ने बातचीत के दौरान बताया कि इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन का स्तर सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है, जिससे सांस लेना और सामान्य गतिविधियां करना भी बेहद कठिन हो जाता है। इस यात्रा को सफल बनाने में उनकी नियमित फिटनेस और लगातार की गई मेहनत की सबसे बड़ी भूमिका रही। राघव ने बताया कि अच्छी शारीरिक तैयारी के कारण उनके लिए यह कठिन सफर अपेक्षाकृत सहज रहा।

ये भी पढ़ें:  श्री रेणुकाजी कॉलेज के लिए चयनित भूमि का डीएफओ ने किया निरीक्षण, अब सरकार को भेजा जाएगा भूमि अधिग्रहण का मामला

राघव ने बताया कि वह 16 मई को नाहन से रवाना हुए थे, जहां से वह अपना मिशन पूरा कर 24 मई को लौटे। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा, अगर मैं यह कर सकता हूँ, तो आप भी कर सकते हैं। बस अपने स्वास्थ्य और फिटनेस पर ध्यान देना जरूरी है।

राघव और उनके साथियों की यह उपलब्धि न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी दिखाती है कि मजबूत इरादों और मेहनत के दम पर दुनिया की सबसे कठिन चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है।

Aapki Baat News Desk
Aapki Baat News Deskhttps://aapkibaatnews.com
आपकी बात न्यूज डेस्क देश, प्रदेश और स्थानीय स्तर की हर महत्वपूर्ण खबर को तेज, विश्वसनीय और तथ्यात्मक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित है। राजनीति, समाज, प्रशासन, शिक्षा, अपराध, मनोरंजन और जनसरोकार से जुड़े हर मुद्दे पर सटीक जानकारी और प्रभावशाली प्रस्तुति हमारी प्राथमिकता है, ताकि पाठकों को हर बड़ी अपडेट एक ही मंच पर मिल सके।

Latest Articles

Explore More