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हिमाचल के इस जिले में महकेंगी अमरूद की बगिया, 2400 बीघा खेती की योजना तैयार, बदलेगी किसानों की तकदीर

अमरूद में मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है. इसमें विटामिन ए और सी, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट जैसे तत्व प्रचूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसके साथ साथ आयरन और फोलिक एसिड एनीमिया से भी राहत दिलाते हैं.

नाहन|
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में जल्द अमरूद की बगिया महकेंगी. यहां 2400 बीघा जमीन पर अमरूद की खेती की योजना तैयार हो गई है. एचपी शिवा प्रौजेक्ट के तहत इस योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा. योजना के सिरे चढ़ने से न केवल जिला के किसानों की तकदीर बदलेगी, बल्कि उनकी आर्थिकी भी मजबूत हो पाएगी.

दरअसल, जिला में सबट्रॉपिकल फ्रूट में अमरूद की खेती को लेकर एचपी शिवा प्रोजेक्ट एक नई फ्रूट क्रांति की ओर कदम बढ़ाने जा रहा है. हिमाचल में जहां किन्नौर, शिमला और कुल्लू का सेब प्रदेश की आर्थिकी में महत्वपूर्ण स्थान रखता है तो वहीं आने वाले कुछ समय में सिरमौर भी बेहतर किस्म के अमरूद की खेती के लिए पहचाना जाएगा. जिले में श्वेता और हिसार सफेदा किस्मों के अमरूद के बगीचे लगाए जा रहे हैं. हाल ही में हिसार सफेदा की नई किस्म को इंट्रोड्यूज किया गया है.

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योजना के प्रथम चरण में 28 हैक्टेयर जमीन पर अमरूद के बगीचे तैयार कर दिए गए हैं. अमरूद के बगीचों के लिए एडीबी बैंक की ओर से की जाने वाली फंडिंग से इस योजना को अंजाम दिया जा रहा है. बागवानी विभाग द्वारा इस योजना के लिए जिला में 17 कलस्टर बनाए गए हैं, जिसमें फिलहाल नाहन और पांवटा साहिब के किसानों को शामिल किया गया है.

इस योजना के तहत नाहन के डूंगी सैर की 3.78 हैक्टेयर, जमटा महीपुर रोड़ क्षेत्र के जुड़ग में 5 हैक्टेयर, सिंबलवाड़ा में 8.10 हैक्टेयर, नाहन के बुडड़ियों में 4 और खैरी चांगण में 7 हैक्टेयर जमीन पर अमरूद के बगीचे तैयार कर दिए गए हैं.

एमएसपी पर बगीचों से ही उठेगा प्रोड्यूस
इस योजना के तहत किसानों को अमरूद की मार्केटिंग के लिए भी धक्के नहीं खाने पड़ेंगे. सरकार की योजना के तहत बेनिफिशियरी की प्रोड्यूस को बगीचे से ही एमएसपी रेट पर उठाया जाएगा. यही नहीं ग्रेडिंग के बाद जो वेस्टेज होगी, इसे हिमकू की प्रोसेसिंग यूनिट में जूस के लिए भेजा जाएगा. इस यूनिट को सिरमौर के धौलाकुआं में बनाने कार्य भी बड़े स्तर पर चला हुआ है.

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इस समय अमरूद की जबदस्त डिमांड
बता दें कि अमरूद की भारतीय बाजार में जबरदस्त डिमांड बड़ी है. इसकी बड़ी वजह ये है कि अमरूद में मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है. इसमें विटामिन ए और सी, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट जैसे तत्व प्रचूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसके साथ साथ आयरन और फोलिक एसिड एनीमिया से भी राहत दिलाते हैं. लिहाजा, स्वास्थ्य की दृष्टि से इस फल को श्रेष्ठ माना गया गया.

28 हैक्टेयर पर बगीचे तैयार, अन्य भूमि पर तैयारी
बागवानी विभाग सिरमौर के विषय विशेषज्ञ राजीव टेगटा ने बताया कि आने वाले मार्च-अप्रैल में सिरमौर 32 हैक्टेयर जमीन पर अमरूद के बगीचे लगाने की तैयारी कर दी गई है. जबकि, 28 हैक्टेयर जमीन पर बगीचे तैयार हो चुके हैं. इस योजना के तहत जिला सिरमौर में 200 हैक्टेयर यानी 2400 बीघा जमीन पर अमरूद के बगीचे लगाने लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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