शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार ने बीपीएल (BPL) परिवारों की पहचान को लेकर बड़ा फैसला लिया है। संशोधित मानदंडों के तहत सरकार ने न सिर्फ वार्षिक आय की सीमा में बढ़ोतरी की है, बल्कि मनरेगा श्रमिकों और आपदा प्रभावितों को भी इसमें बहुत बड़ी राहत दी है।
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार जिन परिवारों की कुल वार्षिक आय 75,000 रुपये से कम है और जो बीपीएल चयन के पहले सात चरणों में सूचीबद्ध नहीं हो सके थे, वे अब आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 5 जुलाई निर्धारित की गई है, जबकि सत्यापन, अनुशंसा और अंतिम सूची का प्रकाशन 15 जुलाई तक किया जाएगा।
सरकार ने पात्रता के दायरे को भी व्यापक बनाया है। पिछले वित्त वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम एक दिन काम करने वाले परिवार, केवल 27 वर्ष से कम आयु के अनाथ बच्चों वाले परिवार, 59 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों पर आश्रित परिवार, विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिला मुखिया वाले परिवार, 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग मुखिया वाले परिवार, गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण असहाय हुए कमाऊ सदस्य वाले परिवार, आपदा प्रभावित, दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले और भूमिहीन परिवार भी बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
सरकार ने ये भी स्पष्ट किया है कि आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। यदि परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता है, परिवार की कुल वार्षिक आय 75,000 रुपये से अधिक है, एक हेक्टेयर से ज्यादा भूमि है या परिवार का कोई सदस्य सरकारी, अर्धसरकारी अथवा निजी नौकरी में कार्यरत है, तो ऐसे परिवार पात्र नहीं माने जाएंगे।
