शिमला : हिमाचल सरकार ने 15 मई 2003 से पहले विज्ञापित पदों के विरुद्ध भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। ऐसे कर्मचारियों को सीसीएस (पेंशन) नियम, 1972 के दायरे में लाया जाएगा और उनके एनपीएस खाते में जमा कर्मचारी अंशदान को जीपीएफ खाते में स्थानांतरित किया जाएगा।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही सबसे पहले अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने का निर्णय लिया। पुरानी पेंशन व्यवस्था को 1 अप्रैल, 2023 से पूरी तरह से लागू करने के लिए वित्त विभाग ने 4 मई, 2023 को अधिसूचना जारी की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार हमेशा से कर्मचारी हितैषी रही है और समय-समय पर उनके कल्याण के लिए कई कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार ने अब फैसला लिया है कि प्रदेश के जो कर्मचारी 15 मई, 2003 से पहले विज्ञापित पदों/रिक्तियों के विरूद्ध सरकारी विभागों में भर्ती हुए हैं, उनको सीसीएस (पेंशन) रूल्ज, 1972 के अन्तर्गत लाया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार के इस फैसले से वे कर्मचारी जो अभी सेवारत हैं, उनके एनपीएस खाते में जमा कर्मचारी अंशदान को उनके जीपीएफ खाते में डाला जाएगा और उस राशि पर जीपीएफ दरों पर ब्याज दिया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा कि जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनको सीसीएस (पेंशन) रूल्ज, 1972 के अन्तर्गत आने के कारण उनकी सेवानिवृत्ति के समय से पेंशन दी जाएगी। सरकार के इस फैसले से 15 मई, 2003 से पूर्व विज्ञापित पदों/रिक्तियों के विरूद्ध भर्ती हुए हजारों कर्मचारियों को लाभ होगा।
