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‘The Many Voices of the Wind’ को मिला लोक भवन का मान, राज्यपाल ने किया नाहन की डॉ. विनिता पाल की पुस्तक का विमोचन

डॉ. विनिता पाल वर्तमान में गोरक्षनाथ राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, नाहन में अंग्रेजी विषय की सहायक आचार्य हैं। पिछले लगभग दो दशकों से वे शिक्षण, शोध और साहित्य सृजन के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

शिमला/नाहन : गोरक्षनाथ राजकीय संस्कृत महाविद्यालय नाहन की अंग्रेजी विषय की सहायक आचार्य, शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता डॉ. विनिता पाल की अंग्रेजी पुस्तक The Many Voices of the Wind का विमोचन हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने लोक भवन शिमला में किया। इस दौरान राज्यपाल ने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे भाषाई विविधता, सांस्कृतिक समरसता और सभी भाषाओं के सम्मान का सार्थक संदेश देने वाली कृति बताया।

लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डॉ. विनिता पाल ने राज्यपाल को अपनी पुस्तक की प्रति भेंट कर उसकी विषयवस्तु, उद्देश्य और सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने पुष्पगुच्छ भेंट कर राज्यपाल का स्वागत किया। साथ ही हिमाचली संस्कृति के प्रतीक स्वरूप पारंपरिक हिमाचली टोपी और शॉल भी भेंट किए, जिन्हें राज्यपाल ने सहर्ष स्वीकार किया।

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राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने पुस्तक के प्रकाशन और विमोचन पर डॉ. विनिता पाल को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने वर्तमान समय की आवश्यकता से जुड़े एक अत्यंत सार्थक और प्रासंगिक विषय का चयन किया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सभी भाषाओं का समान सम्मान करना चाहिए और डॉ. पाल के साहित्यिक प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

डॉ. विनिता पाल ने बताया कि The Many Voices of the Wind का शीर्षक इस विचार को अभिव्यक्त करता है कि जिस प्रकार एक ही हवा में अनेक स्वर समाहित होते हैं, उसी प्रकार दुनिया भी अनेक भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं से समृद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भाषा का अपना विशिष्ट महत्व और सांस्कृतिक मूल्य है तथा पुस्तक का मूल संदेश भाषाई विविधता को मानवता की साझा धरोहर मानते हुए सभी भाषाओं के प्रति सम्मान, सौहार्द और संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है।

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डॉ. विनिता पाल वर्तमान में गोरक्षनाथ राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, नाहन में अंग्रेजी विषय की सहायक आचार्य हैं। पिछले लगभग दो दशकों से वे शिक्षण, शोध और साहित्य सृजन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में अनेक शोधपत्र प्रस्तुत किए हैं तथा विद्यार्थियों में भाषा और साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने के लिए लगातार कार्य किया है।

राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) कार्यक्रम अधिकारी के रूप में भी उन्होंने सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सेवा से जुड़े अनेक कार्यक्रमों का सफल संचालन किया है। शिक्षा, साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें बेस्ट टीचर अवार्ड, सिरमौर रत्न अवार्ड और ‘सिरमौर गौरव सम्मान’ सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

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डॉ. विनिता पाल ने कहा कि लोक भवन में राज्यपाल के करकमलों से अपनी पुस्तक का विमोचन होना उनके लिए अत्यंत गौरव, सम्मान और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने इस सम्मान के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि यह उपलब्धि उनके साहित्यिक जीवन में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करेगी।

Aapki Baat News Desk
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