
ऊना : साइबर ठगी के मामले में जिला पुलिस ऊना की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित व्यक्ति को ठगी की पूरी 1.50 लाख रुपये की राशि वापस मिल गई। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने संबंधित बैंक, वित्तीय संस्थानों और अन्य एजेंसियों के साथ तत्काल समन्वय कर ठगी की रकम को होल्ड करवाया और बाद में शिकायतकर्ता को वापस दिलाया।
जानकारी के अनुसार 13 अगस्त को जिला ऊना के एक व्यक्ति ने साइबर सेल में 1.50 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत मिलते ही साइबर सेल ने मामले में तेजी से कार्रवाई शुरू की। संबंधित बैंक और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय कर ठगी की रकम को समय रहते होल्ड कराया गया।
समयबद्ध कार्रवाई के चलते 1.50 लाख रुपये की पूरी राशि सुरक्षित कर शिकायतकर्ता को वापस दिला दी गई। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई साइबर अपराधों से निपटने में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम रही।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर आने वाली फोन या वीडियो कॉल पर विश्वास न करें। पुलिस, सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग या कोई अन्य सरकारी एजेंसी फोन अथवा वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती।
यदि इस तरह की कोई कॉल आती है तो किसी भी प्रकार की धनराशि ट्रांसफर न करें और तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। साइबर अपराध की शिकायत www.cybercrime.gov.in पर भी दर्ज की जा सकती है। पुलिस ने कहा कि ठगी के तुरंत बाद शिकायत करने से रकम को सुरक्षित रखने और वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस ने लोगों से साइबर अपराधियों की नई-नई ठगी की तरकीबों के प्रति सतर्क रहने तथा परिवार और परिचितों को भी जागरूक करने की अपील की है।