बिलासपुर : जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव (सीनियर सिविल जज) प्रतीक गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, बिलासपुर द्वारा जिला बिलासपुर के पांच गांवों में सामुदायिक मध्यस्थता योजना आरंभ की गई है।
इनमें नंबर-1 गांव मानवा, ग्राम पंचायत नैणी, तहसील सदर, नंबर-2 गांव जंगल झलेड़ा, ग्राम पंचायत कुड़ी (दली), तहसील सदर, नंबर-3 गांव कोटला, ग्राम पंचायत पट्टा, तहसील घुमारवीं, नंबर-4 गांव करंगोड़ा, ग्राम पंचायत बाड़ी मझेड़वां, तहसील घुमारवीं और नंबर-5 गांव पझीण, ग्राम पंचायत बड़ोल, तहसील झंडूता शामिल हैं। योजना के तहत विशेष रूप से प्रशिक्षित सामुदायिक मध्यस्थों की नियुक्ति की गई है।
उन्होंने बताया कि अदालतों में अकसर आने वाले कई छोटे-छोटे मामलों को मध्यस्थता एवं आपसी सहमति के माध्यम से निपटाया जा सकता है। इससे सभी पक्षकारों के समय एवं धन की बचत होगी, आपसी संबंधों में अनावश्यक कटुता नहीं बढ़ेगी तथा अदालतों का समय भी बचेगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों में मध्यस्थता एवं आपसी सहमति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इसी उद्देश्य से कम्युनिटी मेडिएटर यानी सामुदायिक मध्यस्थ तैयार किए जा रहे हैं, जो विभिन्न मामलों के पक्षकारों के बीच मध्यस्थता कर उन्हें आपसी सहमति से निपटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सामुदायिक मध्यस्थ अपने-अपने क्षेत्रों में मध्यस्थता एवं आपसी सहमति को बढ़ावा देकर इन क्षेत्रों को मुकदमा मुक्त बनाने में योगदान देंगे।
इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के दूरभाष नंबर 01978-221452 पर संपर्क किया जा सकता है।