नाहन : कहीं नया मकान बनाने के बाद भी पेयजल कनेक्शन नहीं मिला, तो कहीं घर तक पहुंचने वाला रास्ता खस्ताहाल है। बिजली के खंभे की कमी भी एक परिवार के लिए परेशानी बनी हुई है।
नाहन विधानसभा क्षेत्र के चमयाड़, अपर सुरला और सुरला अमटा समेत कई गांवों के ग्रामीण बुधवार को इन्हीं समस्याओं को लेकर विधायक अजय सोलंकी के कार्यालय पहुंचे। विधायक ने लोगों की शिकायतें सुनने के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों से फोन पर बात की और समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए मौके पर निर्देश दिए।
बनेठी पंचायत के चमयाड़ निवासी हरिंद्र कौर ने बताया कि उनके पुराने घर में पेयजल कनेक्शन था। घर क्षतिग्रस्त होने के बाद उन्होंने दूसरी जगह नया मकान बनाया, लेकिन पेयजल कनेक्शन नए घर में स्थानांतरित नहीं हो पाया। विभाग से संपर्क करने के बावजूद समस्या दूर नहीं हुई। विधायक ने संबंधित अधिकारी को मामले में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
खराब रास्तों से परेशान ग्रामीण
अपर सुरला निवासी पृथ्वी सिंह, राजेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह और तपेंद्र सिंह ने सैन का खाला से होकर जाने वाले रास्ते की खराब हालत का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि रास्ता खस्ताहाल होने के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने जेसीबी मशीन लगाकर रास्ते को दुरुस्त करवाने की मांग की।
सुरला अमटा निवासी हेमंत कुमार ने भी अपने घर तक पहुंचने वाले रास्ते की मरम्मत करवाने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि उनका घर लोक निर्माण विभाग की सड़क से करीब 100 मीटर दूर है और घर तक जाने वाला रास्ता क्षतिग्रस्त होने से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पीएम आवास के बाद भी बिजली की सुविधा नहीं
चमयाड़-कोराड़ क्षेत्र की कुंता देवी ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत मकान बनाया है, लेकिन बिजली की सुविधा नहीं होने से परिवार को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने घर के नजदीक बिजली का खंभा लगवाने की मांग की, ताकि मकान में बिजली का कनेक्शन लग सके। विधायक ने इस मामले में भी संबंधित अधिकारी से बात कर आवश्यक कदम उठाने को कहा।
गौरतलब है कि विधायक अजय सोलंकी शिमला से लौटने के बाद पिछले कई दिनों से लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। बुधवार को भी विभिन्न गांवों से आए ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परेशानियां उनके समक्ष रखीं।
विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना उनका कर्तव्य है। पेयजल, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
