हमीरपुर : भारतीय शास्त्रों में कहा गया है कि दान ऐसे दें कि अगर दाएं हाथ से दें तो बाएं हाथ को भी पता न चले। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अलावा व्यक्तिगत रूप से भी कई ऐसे जरुरतमंद लोगों की मदद करते हैं, जिनका इस दुनिया में कोई सहारा नहीं होता।
मुख्यमंत्री की इस दरियादिली के कारण ही आज एक गरीब परिवार की लड़की प्रिया ठाकुर देश के टॉप एथलीटों में जगह बनाने में कामयाब हुई है और इसी हफ्ते नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर आई है।
भलेठ के साथ लगते कांगड़ा जिले के सिहोरबल्ला क्षेत्र के गांव मेहसी की प्रतिभाशाली एथलीट प्रिया ठाकुर पिछले कुछ वर्षों से हमीरपुर के अणु में स्थित सिंथेटिक ट्रैक पर अभ्यास कर रही थीं। परिवार की आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण प्रिया को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। उसे अच्छी प्रैक्टिस और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने में भी दिक्कत हो रही थी।
इस बारे में जब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को अवगत करवाया गया तो उन्होंने न केवल संबंधित अधिकारियों को त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी प्रिया की मदद एवं हौसल अफजाई की। इससे प्रिया ठाकुर की सभी चिंताएं दूर हो गईं और वह दोगुणा उत्साह एवं जोश के साथ मेहनत करने लगी।
इसी के परिणामस्वरूप प्रिया ठाकुर ने ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में 400 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर हिमाचल का नाम रोशन किया। इसके बाद प्रिया का लक्ष्य नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मैडल लाना था, लेकिन इस चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए भी उसे आर्थिक मदद की दरकार थी। मुख्यमंत्री ने यहां भी प्रिया की भरपूर मदद की।
8 से 11 अक्तूबर तक नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में प्रिया ने 400 मीटर की दौड़ में 53.56 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता।
इसमें रजत पदक प्राप्त करने वाली धाविका का समय 53.55 सेंकड और स्वर्ण पदक विजेता का 53.37 सेकंड रहा। यानी, इस दौड़ में तीनों धाविकाओं के बीच बहुत ही नजदीकी मुकाबला रहा। इस शानदार प्रदर्शन से प्रिया 400 मीटर दौड़ में देश की टॉप धाविकाओं में शामिल हो गई है। उसका अगला लक्ष्य, ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल लाना है।
मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए प्रिया ने बताया कि उनके द्वारा लगातार प्रदान की जा रही आर्थिक मदद और हौसला अफजाई के कारण वह अपने अगले लक्ष्य के लिए लगातार प्रैक्टिस कर पा रही हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की डाइट मनी बढ़ाकर और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए रेलवे की उच्च श्रेणी में यात्रा तथा आवश्यकता पड़ने हवाई यात्रा का प्रावधान किया है। अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए करोड़ों रुपये के पुरस्कार घोषित किए हैं। इससे प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बहुत बड़ा प्रोत्साहन मिला है।
प्रिया को स्कूली स्तर से कोचिंग प्रदान कर रहे टीजीटी अनिल शर्मा ने बताया कि परिवार की वित्तीय स्थिति ठीक न होने के कारण प्रिया को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जब इस बारे में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया तो उन्होंने प्रिया के लिए सभी व्यवस्थाएं करवाईं और आर्थिक मदद भी की। इसी कारण आज वह देश की टॉप एथलीटों में शामिल हो पाई है।
