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हिमाचल के डॉ. मनीष कपूर को बड़ी जिम्मेदारी, बने ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य

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शिमला/बीबीएन : हिमाचल प्रदेश के राज्य ड्रग कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. सरकार ने उन्हें प्रतिष्ठित ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) का सदस्य नियुक्त किया है. यह नियुक्ति औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 5 की उपधारा (2) के तहत की गई है.

ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) भारत में औषधियों से संबंधित तकनीकी मामलों पर निर्णय लेने वाली सर्वोच्च वैधानिक संस्था है, जो दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता से संबंधित मामलों पर सलाह देता है. यह बोर्ड देश में दवाओं के मानकों को बनाए रखने और उनमें सुधार करने में अहम भूमिका निभाता है.

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डॉ. मनीष कपूर हिमाचल प्रदेश में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. उनकी नियुक्ति से डीटीएबी को दवाओं के क्षेत्र में उनके व्यापक अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा. इस बारे में 12 मार्च 2025 को अधिसूचना जारी हुई है.

यह नियुक्ति न केवल डॉ. कपूर के लिए करिअर के हिसाब से बल्कि हिमाचल प्रदेश के लिए भी गर्व की बात है. डॉ. कपूर का मुख्य उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और देशभर में दवाओं के मानकों को मजबूत करना है. उनकी भूमिका में दवाओं से जुड़े तकनीकी मामलों पर सलाह देना और नीतिगत फैसलों में योगदान देना शामिल होगा. इस नियुक्ति के साथ ही डॉ. कपूर अब राष्ट्रीय स्तर पर दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े मामलों में अपना योगदान देंगे.

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डॉ. कपूर ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और देशभर में दवाओं के मानकों को मजबूत करना है. उन्होंने बताया कि उनकी भूमिका में दवाओं से जुड़े तकनीकी मामलों पर सलाह देना और नीतिगत फैसलों में योगदान देना शामिल होगा.