नाहन : उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल महामाया श्री बाला सुंदरी मंदिर न्यास त्रिलोकपुर में चल रहे निर्माण व विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर जिलाधीश सिरमौर एवं मंदिर आयुक्त प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि अप्रैल से दिसंबर 2025 तक नौ माह की अवधि में मंदिर न्यास को भक्तों के चढ़ावे से 12 करोड़ 49 लाख रुपए की आय हुई है, जिससे विभिन्न विकास कार्यों को गति दी गई है।

एसडीएम नाहन एवं सहायक आयुक्त राजीव संख्यान ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि त्रिलोकपुर में विशाल भंडारा शेड, पशुपालन विभाग की ओर से न्यास द्वारा निर्मित डिस्पेंसरी के लोकार्पण और नई गौशाला के निर्माण को अनुमोदन प्रदान किया गया। बैठक में करनाल निवासी दानी घन श्याम गोयल और आर्किटेक्ट की ओर से निःशुल्क सेवाएं देने के प्रस्ताव की भी सराहना की गई।
बैठक में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को माता के दर्शन के साथ-साथ पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिव मंदिर तालाब में बोटिंग और सौंदर्यीकरण से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। वहीं मंदिर परिसर में मुरमुरे के प्रसाद से होने वाली गंदगी को देखते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने और प्राकृतिक सिंदूर के प्रयोग को सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
न्यास की आय के उपयोग को लेकर बताया गया कि वेतन व अन्य खर्चों के अलावा दिन-रात भंडारा सेवा, भंडारा शेड व छायादार शेड का निर्माण, ग्राम त्रिलोकपुर में पूर्ण सफाई व्यवस्था, बिजली व्यवस्था और पार्किंग के लिए खरीदी गई भूमि के भुगतान में इस राशि का उपयोग किया गया है। बैठक में यह भी अवगत करवाया गया कि पिछले तीन वर्षों में न्यास की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता बरती जा रही है।
बैठक के दौरान मंदिर न्यास के विरुद्ध दायर जनहित याचिका को खेदजनक बताते हुए कहा गया कि पिछले तीन-चार वर्षों में ऐसा कोई घटनाक्रम सामने नहीं आया है, जबकि न्यास की आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। बैठक में बीडीओ नाहन, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग व विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, गैर सरकारी न्यासी धीरज कुमार, दलबीर सिंह, धर्मपाल निखिल, भूपिंद्र सिंह सहित न्यास के सहायक अभियंता व सहायक नियंत्रक भी उपस्थित रहे।



