एग्रीस्टैक में किसानों का पंजीकरण बनाएगा डिजिटल पहचान, पूरा डाटाबेस होगा तैयार, प्रक्रिया शुरू

एग्रीस्टैक एक डिजिटल इकोसिस्टम का आधार है। यह सिस्टम किसानों का पूरा डाटाबेस (भूमि, आय व ऋण) तैयार करता है।

0

सोलन : कृषि को आधुनिक व प्रभावी बनाने के लिए कृषि विभाग एग्रीस्टैक में किसानों का पंजीकरण करवा रहा है। यह जानकारी उप निदेशक कृषि डॉ. देव राज कश्यप ने दी। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक एक डिजिटल इकोसिस्टम का आधार है। यह सिस्टम किसानों का पूरा डाटाबेस (भूमि, आय व ऋण) तैयार करता है।

RTO Add

इससे किसानों की पहुंच सीधे बाजार तक, योजनाओं का त्वरित लाभ मिलने, फसल प्रबंधन, पारदर्शिता व बेहतर डिजिटल पहचान व सशक्त राष्ट्रीय डिजिटल पहचान बनेगी, ताकि किसानों की आय बढ़ सके।

डॉ. देवराज ने कहा कि एग्रीस्टैक में पंजीकरण के लिए किसानों का आधार कार्ड व इससे जुड़ा फोन नंबर और जमाबंदी नंबर की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि किसान जनसेवा केंद्र (सी.एस.सी.) या किसान मित्र केंद्र में जाकर निःशुल्क पंजीकरण करवा सकते हैं।

ये भी पढ़ें:  हिमाचल में 16171.79 मीट्रिक टन धान की सरकारी खरीद, आवक जारी, किसानों के खातों में 30.74 करोड़ जमा

उन्होंने कहा कि पंजीकरण पर होने वाला व्यय सरकार वहन करेगी। उन्होंने सभी किसानों व प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े परिवारों से आग्रह किया कि एग्रीस्टैक में अपना पंजीकरण करवाएं, ताकि समय व पात्रता के आधार पर सभी लाभान्वित हो सकें।