नाहन : हिमाचल प्रदेश में कमर्शियल वाहनों में यदि ये खास इंतजाम नहीं किया, तो वाहन मालिकों को महंगा पड़ सकता है. ऐसे वाहन मालिकों को न केवल जुर्माना भरना पड़ सकता है, बल्कि ऐसा न करने की सूरत में संबंधित वाहनों की पासिंग भी नहीं हो पाएगी. इसमें हिमाचल पथ परिवहन निगम की सरकारी और निजी बसें भी शामिल होंगी.
दरअसल, अब हिमाचल प्रदेश में कमर्शियल वाहनों में डस्टबिन लगाना होगा. ऐसा न करने की सूरत में संबंधित वाहन पर नियमों के मुताबिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. यहां तक कि ऐसे कमर्शियल वाहनों की पासिंग भी नहीं हो पाएगी, जिसमें डस्टबिन नहीं लगाया गया होगा. इसको लेकर क्षेत्रीय परिवहन विभाग ने पूरे प्रदेश में यह आदेश जारी कर दिए हैं.
जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश सरकार, पर्यावरण, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अधिसूचना संख्या एस.टी.आई.-एफ (9)-/2018 दिनांक 28 मार्च 2025 के अनुसार सभी टैक्सी संचालक, लोक परिवहन (हिमाचल पथ परिवहन निगम आदि) और अन्य प्राइवेट परिवहन (वॉल्वो बसें, ट्रक और टैम्पो ट्रैवलर आदि) के स्वामी/चालक उनकी टैक्सी, सार्वजनिक और प्राइवेट यानों में अपशिष्ट के संग्रहण के लिए डस्टबिन (कूड़ा-कचरा पात्र) रखेंगे.
साथ ही इसे चिन्हित स्थानों पर निष्पादित करेंगे. इसी प्रकार हिमाचल प्रदेश जीव अनाशित कूड़ा कचरा (नियंत्रण) अधिनियम 1995 में यथाविनिर्दिष्ट आशित कूड़ा-कचरा प्लास्टिक कैरी बैग/अनाशित कूड़ा-कचरा पदार्थ फैंकने या जमा नहीं करने देंगे.
इन्हीं आदेशों के दृष्टिगत क्षेत्रीय परिवहन विभाग जिला सिरमौर ने भी संबंधित वर्गों जैसे हिमाचल पथ परिवहन निगम नाहन, सिरमौर ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन, प्राइवेट बस ऑपरेटर्स यूनियन, टैम्पो यूनियन, ऑटो रिक्शा यूनियन, ई-रिक्शा यूनियन और टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन को पत्र के माध्यम से विभिन्न वाहनों में तुरंत प्रभाव से डस्टबिन स्थापित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं.
आरटीओ सिरमौर सोना चंदेल ने बताया कि कमर्शियल वाहनों में डस्टबिन स्थापित करने को लेकर पत्र के माध्यम से निगम प्रबंधन सहित विभिन्न यूनियनों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा न करने की स्थिति में उक्त अधिनियम 1995 में वाहन मालिक को 10,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है.
आरटीओ ने कहा कि इसके अतिरिक्त जैसा की संबंधित अधिसूचना में विनिर्दिष्ट है, मोटर वाहन निरीक्षक सिरमौर को भी आदेश जारी कर दिए गए हैं कि वह किसी भी वाहन, जिसमें डस्टबिन स्थापित नहीं है, उसे पास न करें. उन्होंने बताया कि यह आदेश उक्त अधिसूचना के राजपत्र (ई-गजट) में प्रकाशन की तारीख से 30 दिन के भीतर से प्रवृत्त होंगे.