सांसद सुरेश कश्यप की बहन हैं श्यामा पुंडीर, क्या बिंदल कर पाएंगे डैमेज कंट्रोल
नाहन: भाजपा समर्थित नाहन नगर परिषद के उपाध्यक्ष और पार्षद ने अपनी ही अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता और पार्षद संध्या अग्रवाल ने अध्यक्ष श्यामा पुंडीर की कार्यप्रणाली पर सवाल लगाते हुए उनसे अपना समर्थन वापस लिया है. यही नहीं दोनों ने डीसी को अविश्वास प्रस्ताव (समर्थन वापस) का पत्र भी सौंपा है.
इस पूरे सियासी घटनाक्रम के सामने आने के बाद भाजपा समर्थित नगर परिषद की सत्ता पर भी संकट के बादल छा गए हैं. हालांकि, अभी नगर परिषद अल्पमत में नहीं है. क्योंकि 13 पार्षदों में से 6 अब भी अध्यक्ष के साथ हैं. सूत्रों के अनुसार पार्टी के दो अन्य पार्षद भी अध्यक्ष की कार्यप्रणाली से नाराज बताए जा रहे हैं. यदि ये भी खुलकर सामने आए तो इस सूरत में भाजपा समर्थित नगर परिषद का अल्पमत में आना तय है.
उधर, इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस भी नजर बनाए हुए हैं. चूंकि अभी स्थानीय कांग्रेसी विधायक अजय सोलंकी विधानसभा में व्यस्त हैं. इतना जरूर है कि नगर परिषद में विपक्ष की भूमिका में बैठी कांग्रेस भी सत्ता हथियाने का पुरजोर लगाएगी.
अविनाश गुप्ता का आरोप है कि नगर परिषद अध्यक्ष पूरी तरह से निष्क्रिय थी, जिस कारण जन कल्याण के कार्य पूरी तरह से ठप हो गए थे. उन्होंने कहा कि जनता और शहर के विकास को लेकर उन्होंने श्यामा पुंडीर पर भरोसा जताते हुए उन्हें समर्थन दिया था. लेकिन अध्यक्ष न तो जनता और ना ही अपने पार्षदों के भरोसे पर खरी उतर पाईं.
इस घमासान के बीच कांग्रेसी खेमे में भी हलचलें तेज हो गई हैं. हालांकि, कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.सूत्रों की मानें तो श्यामा पुंडीर के पति संजय पुंडीर को भाजपा मंडल नाहन का नया अध्यक्ष बनाए जाने के बाद नगर परिषद नाहन में घमासान मचा है. श्यामा पुंडीर सांसद सुरेश कश्यप की बहन हैं.
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. राजीव बिंदल के गृह क्षेत्र में सामने आए इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर पार्टी व प्रदेश अध्यक्ष किस तरह डैमेज कंट्रोल कर पाएंगे, ये आने वाला समय ही बताएगा. लेकिन इतना जरूर है कि पार्टी प्रदेश मुखिया के घर में ही गुटबाजी देखने को मिल रही है.
भाजपा समर्थित नाहन नप अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव! संकट में सत्ता
श्यामा पुंडीर सांसद सुरेश कश्यप की बहन हैं. भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. राजीव बिंदल के गृह क्षेत्र में सामने आए इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर पार्टी व प्रदेश अध्यक्ष किस तरह डैमेज कंट्रोल कर पाएंगे, ये आने वाला समय ही बताएगा. लेकिन इतना जरूर है कि पार्टी प्रदेश मुखिया के घर में ही गुटबाजी देखने को मिल रही है.