शिमला : राजधानी में लाइसर्जिक एसिड डाइथाइलामाइड (LSD) तस्करी के बड़े मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहां नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए गठित स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के ही चार जवान अब तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिए गए हैं। शिमला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल्लू में तैनात इस टीम के 2 कांस्टेबल और 2 हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। एसपी शिमला गौरव सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि चारों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा और मामले की जांच जारी है।
जांच में सामने आया है कि कुल्लू में एसटीएफ टीम ने एक युवक और युवती को करीब 3 करोड़ रुपये की LSD खेप के साथ पकड़ा था, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय सौदेबाजी कर ली गई। आरोप है कि टीम ने तस्करों से 2 करोड़ रुपये की नशे की खेप लेकर मामला रफा-दफा कर दिया और बिना केस दर्ज किए उन्हें छोड़ दिया। इसके बाद आरोपियों को करीब 1 करोड़ रुपये की बची खेप वापस कर दी गई, जिसे बेचने के लिए वे शिमला पहुंचे और यहीं पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
गिरफ्तार किए गए चारों जवान कुल्लू जिले के रहने वाले हैं। इनमें राजेश कुमार (40) निवासी 14 मील बडाग्राम (मनाली), समीर (40) निवासी वार्ड नंबर-7 पारला (भुंतर), नितेश (46) निवासी बजौरा (भुंतर) और अशोक कुमार (42) निवासी वाशिंग शामिल हैं। जांच में इनके तार सीधे तौर पर तस्करों से जुड़े पाए गए, जिसके बाद शिमला पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 10 मार्च को थाना न्यू शिमला पुलिस ने पंजाब के संदीप शर्मा और सिरमौर की प्रिया शर्मा को 562 स्ट्रिप (स्टैंप साइज) एलएसडी के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंक खंगाले तो केरल के नविएल हैरिसन को सप्लायर के तौर पर चिन्हित कर 13 मार्च को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया। इसी जांच के दौरान कुल्लू एसटीएफ की पूरी टीम की भूमिका सामने आई, जिसने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है।


