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शोषण मुक्ति मंच का एलान, सामाजिक न्याय के लिए 28 को धर्मशाला रैली में सभी जिलों से जुटेंगे कार्यकर्ता

मंच के राज्य संयोजक आशीष कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा बनाए गए नए नियम सामाजिक न्याय की दिशा में आवश्यक कदम हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव की लगातार बढ़ती घटनाओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए कठोर और प्रभावी नियमों की आवश्यकता है।

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नाहन : शोषण मुक्ति मंच हिमाचल प्रदेश ने 28 फरवरी को धर्मशाला में होने वाली रैली में अपनी सक्रिय भागीदारी का एलान किया है। 23 फरवरी को शोषण मुक्ति मंच की राज्य स्तरीय राज्य कमेटी की वर्चुअल बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें प्रदेश के 11 जिलों से मंच के पदाधिकारी शामिल हुए। मंच के राज्य संयोजक आशीष कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा बनाए गए नए नियम सामाजिक न्याय की दिशा में आवश्यक कदम हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव की लगातार बढ़ती घटनाओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए कठोर और प्रभावी नियमों की आवश्यकता है।

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आशीष कुमार ने बताया कि 2012 के UGC विनियम जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से बनाए गए थे, लेकिन बढ़ते मामलों ने स्पष्ट किया कि वे पर्याप्त नहीं थे। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आधार पर नए नियम तैयार किए गए और जनवरी 2026 में राजपत्र में प्रकाशित किए गए। मंच का मानना है कि सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए इन नियमों को प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 28 फरवरी को धर्मशाला में आयोजित होने वाली रैली में शोषण मुक्ति मंच सक्रिय भागीदारी करेगा। प्रदेश के प्रत्येक जिले से मंच के कार्यकर्ता रैली में शामिल होकर SC, ST और OBC समुदायों की मांगों का समर्थन करेंगे।

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मंच ने यह भी कहा कि 93वें संविधान संशोधन (अनुच्छेद 15(5)) को हिमाचल प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू न किया जाना सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है, जबकि 103वें संविधान संशोधन को शीघ्र लागू किया जाना दोहरे मानदंडों की ओर संकेत करता है। मंच ने मांग की कि सामाजिक समानता और संवैधानिक प्रावधानों को समान रूप से लागू किया जाए।

शोषण मुक्ति मंच ने प्रदेश के सभी सामाजिक न्याय समर्थक संगठनों, छात्र-युवा समूहों और प्रगतिशील शक्तियों से अपील की है कि वे 28 फरवरी को धर्मशाला पहुंचकर रैली को सफल बनाएं और शिक्षा संस्थानों में भेदभाव मुक्त वातावरण के लिए आवाज बुलंद करें।

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