राजगढ़ : सिरमौर जिला के पच्छाद उपमंडल के बड़ू साहिब स्थित एटरनल यूनिवर्सिटी के छात्रावास की मेस में भोजन की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मेस में परोसे गए भोजन में कीड़े मिलने के आरोप के बाद छात्राओं में आक्रोश फैल गया और शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इस घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें दिनभर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरवार शाम को छात्रावास मेस में परोसे गए भोजन में कीड़े दिखाई देने की बात सामने आई। जैसे ही यह जानकारी छात्राओं के बीच फैली, छात्रावास में नाराजगी का माहौल बन गया। शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में छात्राएं मेस के बाहर एकत्रित हो गईं और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
आक्रोशित छात्राओं ने मेस को बंद कर दिया और परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से जवाब मांगा। छात्राओं का कहना है कि मेस में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से लापरवाही बरती जा रही है। उनका आरोप है कि मेस में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की ठीक प्रकार से जांच नहीं की जाती और साफ-सफाई के मानकों का भी पूरा ध्यान नहीं रखा जाता। छात्राओं के अनुसार इसी लापरवाही के कारण भोजन में कीड़े मिलने जैसी गंभीर स्थिति सामने आई है।
घटना के बाद छात्राओं में रोष और बढ़ गया है और वे इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही हैं। इस मामले से जुड़ी कुछ तस्वीरें और कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें भोजन में कीड़े दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। यह विश्वविद्यालय कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब द्वारा संचालित किया जाता है और इसे उत्तर भारत की प्रमुख गर्ल्स यूनिवर्सिटी के रूप में भी जाना जाता है। यहां हिमाचल प्रदेश के अलावा देश के कई अन्य राज्यों से भी छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने आती हैं।
उधर, एटरनल यूनिवर्सिटी बड़ू साहिब के पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर और डायरेक्टर प्लेसमेंट बलराज सिंह ने जारी बयान में बताया कि वीरवार शाम को एक छात्रा के रात्रि भोजन के दौरान उसकी थाली में एक पतंगा (मॉथ) गिर गया था। जैसे ही यह मामला सामने आया, इसे तुरंत मेस प्रतिनिधियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के संज्ञान में लाया गया।
उन्होंने बताया कि रात को ही तत्काल कार्रवाई की गई और संबंधित छात्रा की उपस्थिति में इस विषय का समाधान किया गया, ताकि उसकी चिंता का शीघ्र निवारण सुनिश्चित किया जा सके। इसके बाद शुक्रवार को एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें संबंधित छात्रा, मेस इंचार्ज, विश्वविद्यालय के डीन और निदेशक उपस्थित रहे। बैठक में छात्राओं की चिंताओं को ध्यानपूर्वक सुना गया और आवश्यक स्पष्टीकरण और आश्वासन प्रदान किए गए।



